गांधीनगर, 20 मई। गुजरात के सूरत शहर में कानून-व्यवस्था में खलल डालने वाले और सोशल मीडिया पर खतरनाक हथियारों के साथ वीडियो बनाकर लोगों में आतंक फैलाने वाले अपराधियों के खिलाफ सूरत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओसी) ने एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। एसओसी के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने 'ऑपरेशन रैम्बो' के तहत इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से अपराधियों को चेतावनी दी कि अगर वे सुधरने का प्रयास नहीं करते हैं, तो पुलिस उन्हें 'स्पेशल ट्रीटमेंट' देकर सबक सिखाएगी।
डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने बताया कि यह ऑपरेशन शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाया गया, जिसके दौरान 11 पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत कुल 72 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें लिंबायत थाने से 14, भेस्तान थाने से 13 और सलाबतपुरा थाने से 11 आरोपी शामिल हैं, इसके अलावा अन्य थानों से भी कई अपराधियों को पकड़ा गया है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी खतरनाक और धारदार हथियारों के साथ थे। पुलिस ने इनसे छरियां, रैम्बो छरियां और तलवारें जब्त की हैं। ये अपराधी इन हथियारों को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमते थे और जनता में भय उत्पन्न करते थे। पकड़े गए सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और पुलिस इन पर काफी समय से निगरानी रख रही थी।
इस अभियान में दो प्रमुख गिरफ्तारियां हुईं। एक आरोपी आसिफ तलवार है, जो एक अत्यधिक चर्चित अपराधी है और 'गुजसी टॉक डबल मर्डर' मामले में मुख्य आरोपी माना जाता है। वहीं, दूसरे आरोपी अरबाज आलम खान पठान हैं, जो डिंडोली क्षेत्र में चाकूबाजी और मारपीट के मामले में लंबे समय से वांटेड थे।
इसके साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाले 'सोशल मीडिया रॉकर्स' को कड़ी चेतावनी दी है कि जो लोग सरेआम छरी, रैम्बो छरी या तलवार लेकर घूमते हैं, या सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो बनाकर दहशत फैलाते हैं, उन्हें सख्त चेतावनी दी जाती है कि या तो वे अपने तरीके सुधारें, अन्यथा पुलिस उन्हें पकड़कर ऐसा 'स्पेशल ट्रीटमेंट' देगी कि वे अपराध करना भूल जाएंगे।