पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईंधन संकट के संदर्भ में कार पूलिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईंधन संकट के संदर्भ में कार पूलिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया

चंडीगढ़, 22 अप्रैल। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईंधन संकट को देखते हुए जजों के लिए कार पूलिंग और डिजिटल सुनवाई को अपनाने की सलाह दी है। अदालत ने यह कहा कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कमी की समस्या बनी हुई है। इस परिस्थिति में, जजों को एकल वाहन में अदालत तक जाने के बजाय कार पूलिंग को अपनाने की प्रेरणा देनी होगी, ताकि स्थिति में सुधार संभव हो सके।

अदालत ने डिजिटल सुनवाई को भी प्राथमिकता देने की बात कही। न्यायाधीशों से अपेक्षा की गई है कि वे शारीरिक सुनवाई के स्थान पर डिजिटल विकल्प का उपयोग करें। इससे दो मुख्य लाभ होंगे; एक तो वाहनों की ईंधन खपत में कमी आएगी और दूसरा सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकेगी।

अदालत ने यह भी कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि इंटरनेट की उपलब्धता में कोई किस्म की अड़चन न आए। यदि इस प्रक्रिया में इंटरनेट की गति में कोई रुकावट आई, तो इससे सुनवाई की रफ्तार में कमी आएगी। इसलिए, प्रशासन के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि इंटरनेट सेवा में कोई परेशानी न हो।

साथ ही, अदालत ने न्यायालयों में कार्यरत 33 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह कहा कि इससे दो तरह के लाभ मिलेंगे; एक तो ईंधन की खपत घटेगी और दूसरा काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हमें यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में कार्य प्रभावित न हो, इसी के मद्देनजर यह योजना तैयार की जा रही है।

अदालत ने निर्देश दिया कि घर से काम करने वाले सभी कर्मचारियों को अपनी फोन उपलब्धता बनाए रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर कार्यालय में भी उपस्थित होना चाहिए। अदालत ने विश्वास व्यक्त किया है कि इन आदेशों को सही तरीके से लागू करने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरी ओर, कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को भी कार पूलिंग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कर्मचारियों से कहा जा रहा है कि वे आपस में मिलकर कार पूल करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। इससे आगे चलकर कई लाभ प्राप्त होंगे।