पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में दिखे कई पाकिस्तानी आतंकी, पाकिस्तान फिर बेनकाब!

पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में दिखे कई पाकिस्तानी आतंकी, पाकिस्तान फिर बेनकाब!

पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान के जनाजे में कई मोस्ट वांटेड आतंकियों की मौजूदगी सामने आने के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जनाजे में दिखे बड़े आतंकी चेहरे

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान के अंतिम संस्कार में Syed Salahuddin समेत कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े लोग मौजूद थे।

हमजा बुरहान, जिसे अर्जुमंद गुलजार डार और “डॉक्टर” के नाम से भी जाना जाता था, को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। इसके बाद उसे इस्लामाबाद में दफनाया गया।

हथियारों के साथ दिखे आतंकी गुर्गे

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जनाजे में मौजूद कई लोग आधुनिक हथियारों से लैस दिखाई दिए। वीडियो में AK-47 राइफलें और अन्य हथियार साफ नजर आए।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कार्यक्रम में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कुछ अधिकारी भी मौजूद थे। हालांकि, इस संबंध में पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पुलवामा हमले से भी जुड़ा था नाम

हमजा बुरहान पर 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में भूमिका निभाने का आरोप था। इस हमले में CRPF के 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे।

भारत सरकार ने उसे 2022 में आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने, भर्ती कराने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाने में शामिल था।

शिक्षक बनकर PoK में छिपा था

सूत्रों के मुताबिक, हाल के वर्षों में हमजा बुरहान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक शिक्षक के रूप में रह रहा था। बताया गया कि वह मुजफ्फराबाद के एक निजी कॉलेज में प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था।

स्थानीय पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह कॉलेज परिसर से बाहर निकलते समय अज्ञात हमलावरों ने नजदीक से उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान में आतंकियों के जनाजों में बड़े चेहरे नजर आए हों। इससे पहले भी कई मौकों पर पाकिस्तानी अधिकारियों और आतंकी संगठनों के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।