पद्म पुरस्कार विजेताओं का 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' समर्थन, कहा- समय और पैसे की होगी बचत

पद्म पुरस्कार विजेताओं का 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' समर्थन, कहा- समय और पैसे की होगी बचत

बेंगलुरु, 25 मई। पद्म पुरस्कार से सम्मानित रिकी केज, डॉ. प्रह्लाद रामाराव, डॉ. एचआर नागेंद्र और डॉ. हसन रघु ने "एक राष्ट्र, एक चुनाव" के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने चुनाव की लागत में कमी, शासन और शिक्षा में कम व्यवधान, कार्यकुशलता में सुधार, और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सम्मानित संगीतकार तथा पर्यावरणविद रिकी केज ने बातचीत में बताया, "एक देश के निर्माण में कई नागरिकों की सहभागिता होती है और मैं आभारी हूं कि कलाकारों और संगीतकारों को इस चर्चा में शामिल किया गया। 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का विषय सभी को प्रभावित करता है और इस पर खुलकर विचार करना आवश्यक है। इससे लागत में कमी, बुनियादी ढांचे की आवश्यकता में कमी होगी और राजनीतिक अभियान लंबे समय तक चलेंगे। सोशल मीडिया के कारण चुनाव की खबरें निरंतर हमारे सामने आती हैं, जिससे हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए, हर चार से पांच साल में चुनाव का होना अधिक उपयुक्त होगा, जिससे नेता अपने मतदाताओं के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकें।"

डॉ. प्रह्लाद रामाराव ने कहा, "अगर मान लें कि 100 पद्म पुरस्कार विजेताओं में से प्रत्येक अलग-अलग विषयों का प्रतिनिधित्व करता है, तो इसका अर्थ है कि वे देश की एक बड़ी जनसंख्या की आवाज हैं। यदि सभी 100 लोग 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को सही मानते हैं, तो यह जनता का मत है। यह एक वैज्ञानिक या राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि आम जनता की राय है। बहुमत का मानना है कि यह सही समाधान है।"

योग गुरु डॉ. एचआर नागेंद्र ने कहा, "प्रधानमंत्री का यह कदम प्रशंसा योग्य है, क्योंकि हम हमेशा चुनावों में उलझे रहते हैं। हमें शासन और विकास के लिए समय का सही उपयोग करना चाहिए। यदि किसी पार्टी को चुनाव में जीतने का मौका दिया जाता है, तो वे विकास पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। चुनावों में अनियंत्रित समय बर्बाद करने के बजाय हमें विकास पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को इस दिशा में राय साझा करनी चाहिए।"

पद्म पुरस्कार विजेता डॉ. हसन रघु ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के पक्ष में अपनी बात रखते हुए कहा, "मैं भारतीय हूं और मुझे गर्व है कि भारत सरकार ने मुझे सम्मानित किया। एक बार चुनाव होने से समय और धन दोनों की बचत होगी। बार-बार चुनाव होने पर छात्रों को परेशानी होती है। यदि पांच साल में पांच चुनाव होते हैं, तो यह शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। समय अनमोल है, इससे ज्यादा मूल्यवान कुछ नहीं। यदि समय बचेगा, तो लोग कार्यक्षमता से काम कर सकेंगे और सरकार बेहतर तरीके से संचालित होगी। इसलिए, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का विचार पूरी तरह से उचित है।"