रणजी के हीरो OUT, IPL वालों की एंट्री! BCCI चयन पर उठे बड़े सवाल

रणजी के हीरो OUT, IPL वालों की एंट्री! BCCI चयन पर उठे बड़े सवाल

नई दिल्ली, 21 मई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) बार-बार कहता है कि टीम इंडिया में स्थान पाने के लिए खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्टता ही भारतीय टीम के दरवाजे खोलेगी।

बीसीसीआई ने मौजूदा खिलाड़ियों को भी खाली समय में घरेलू क्रिकेट खेलने की सलाह दी है। यही कारण है कि हमने हालिया रणजी सीज़न में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, और रवींद्र जडेजा को अपनी घरेलू टीमों के लिए खेलते हुए देखा। लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम की घोषणा के बाद बीसीसीआई के दावों की सच्चाई सामने आ गई। चयन समिति ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में सबसे अधिक रन बनाने वाले और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया, और न ही उनकी चर्चा की।

रणजी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता है। जिन खिलाड़ियों ने इसमें बेहतरीन प्रदर्शन किया है, उन्हें भारतीय टीम के लिए उपयुक्त माना जाता है। बीसीसीआई भी रणजी के प्रदर्शन को टीम में चयन का मानक मानती है, लेकिन अफगानिस्तान के टेस्ट के लिए चयन में उन्होंने रणजी ट्रॉफी (2025-26) के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों और बल्लेबाजों को अनदेखा किया है, जो बेहद निराशाजनक है।

रणजी ट्रॉफी (2025-26) में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। नबी ने सीज़न के 10 मैचों में 60 विकेट लिए थे, तथा 5 विकेट लेने की उपलब्धि उन्होंने 7 बार हासिल की। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 24 रन देकर 7 विकेट था। वह सेमीफाइनल और फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। उनकी ऐसी उपलब्धियों से सभी ने उनकी उम्मीदें बढ़ा दी थीं।

नबी, जिन्होंने 41 प्रथम श्रेणी मैचों में 156 विकेट चटकाए हैं, अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए चयन के प्रबल दावेदार थे, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें नहीं चुना। पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी इस निर्णय के प्रति अपनी असंतोष व्यक्त की थी।

रणजी ट्रॉफी (2025-26) में कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने 9 मैचों में 14 पारियों में 4 शतक और 3 अर्धशतक के साथ 950 रन बनाये। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 227 रहा, लेकिन उन्हें भी अफगानिस्तान टेस्ट में मौका नहीं मिला।

अभिमन्यु ईश्वरन भी घरेलू क्रिकेट में एक जाना-माना नाम हैं। बंगाल के इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने 113 टेस्ट में 8,381 रन बनाये हैं, जिसमें 27 शतक शामिल हैं। उन्हें कई बार टीम में चुना गया, लेकिन अब तक डेब्यू का अवसर नहीं मिला, जबकि उनके बाद के कई बल्लेबाज आईपीएल के कारण विभिन्न फॉर्मेट में टीम में शामिल हो चुके हैं।

यदि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज करती है और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को तरजीह देती है, तो इससे घरेलू क्रिकेट की गुणवत्ता कमजोर हो जाएगी। अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हतोत्साहित होंगे, और लंबे समय तक परिणाम न मिलना निराशा पैदा करेगा। इसके परिणामस्वरूप देश को टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छे खिलाड़ी नहीं मिल पाएंगे। देश की प्रमुख क्रिकेट संस्था को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।