नोएडा: श्रमिक विरोध प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

नोएडा: श्रमिक विरोध प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने श्रमिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और गलत सूचना फैलाने के आरोप में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल घटना के दौरान किया गया था। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है, जो ग्राम मुक्तेशरा, थाना बाबूगढ़ छावनी, जिला हापुड़ का निवासी है और वर्तमान में नोएडा के नया गांव में किराए पर रह रहा था।

पुलिस ने बताया कि 20 मई को गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने अनिल कुमार को मदरसन कंपनी के पीछे स्थित हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी एक सोशल मीडिया समूह में सक्रिय था, जहां उसने भड़काऊ पोस्ट और वीडियो साझा किए थे।

जांच के दौरान यह पता चला कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर यह दावा कर रहे थे कि अनिल कुमार यूपी पुलिस के किसी अधिकारी या डीसीपी का ड्राइवर है और उसे जानबूझकर श्रमिक आंदोलन में शामिल किया गया है ताकि वह हिंसा फैलाए। पुलिस ने इसे पूरी तरह से गलत बताया है।

अधिकारियों का कहना है कि अनिल किसी भी पुलिस अधिकारी का ड्राइवर नहीं है, बल्कि वह दिल्ली में एक निजी चालक के रूप में काम कर रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि अनिल का रिचा ग्लोबल कंपनी से वर्तमान में कोई संबंध नहीं है और वह करीब दो साल पहले वहां कार्यरत था।

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस व्हाट्सएप समूह में भड़काने वाले संदेश भेजे गए, उसमें अनिल को गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने नहीं बल्कि श्रमिक आंदोलन से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति ने जोड़ा था।

पुलिस ने बताया कि समूह में 'मोदी आ रहा है, बाईपास के उद्घाटन के लिए पूरा रोड जाम कर देना चाहिए' जैसे संदेश मौजूद थे, जिन्हें दंगा और अव्यवस्था फैलाने की योजना के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी मदद से आगे की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की शिक्षा केवल पाँचवीं कक्षा तक बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी हापुड़ नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। वर्तमान मामले में उसके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।

थाना फेस-2 पुलिस ने आरोपी के पास से एक रियलमी मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी जांच कर सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य संभावित संदिग्धों के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मजदूर आंदोलन के तहत कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।