Nitin Gadkari Latest News : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित चर्मकार सेवा संघ के छात्र सम्मान समारोह में राजनीति और जातिगत पहचान को लेकर फिर बड़ा बयान दिया। गडकरी ने किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि जाति के आधार पर चुनावी टिकट पाने वाले नेताओं ने अपने समाज के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है। अपने 40 से 50 साल के लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए गडकरी ने रविवार को कहा कि अक्सर लोग उनसे अपने समुदाय के लिए पार्षद या विधायक का टिकट मांगते हैं। वैसे, उनका अनुभव यही रहा है कि जिन्हें जाति के नाम पर टिकट मिला, उन्होंने अपने वर्ग का भला करने के बजाय बाद में अपने परिवार (पत्नी, बेटे, बेटी या पीए) के लिए टिकट मांगना शुरू कर दिया।

शिक्षा और कौशल से होती है किसी भी समाज की तरक्की 

गडकरी ने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की जाति के आधार पर मिलने वाली सियासत से नहीं, बल्कि शिक्षा और कौशल से होती है। उन्होंने चर्मकार समुदाय और युवाओं को सलाह दी कि वे जातिगत पहचान के बजाय शिक्षा और हुनर हासिल करने पर ध्यान दें। अच्छी पढ़ाई-लिखाई और कौशल ही रोजगार की समस्याओं को दूर कर समाज को मुख्यधारा में ला सकते हैं।

गडकरी के बयान के सियासी मायने

नितिन गडकरी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, भारतीय राजनीति में टिकटों का बंटवारा और गठबंधन अक्सर जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जाता है। खुद उनकी पार्टी भी विभिन्न राज्यों में सामाजिक समीकरण साधने के लिए जातिगत आधार पर टिकटों का वितरण और सहयोगी दलों के साथ गठबंधन करती रही है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री द्वारा वंशवाद और जाति आधारित राजनीति पर सीधा हमला बोलना कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है।