नीट-यूजी पुनर्परीक्षा: मेटा, गूगल और टेलीग्राम पर शिकंजा कसेगा प्रशासन

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा: मेटा, गूगल और टेलीग्राम पर शिकंजा कसेगा प्रशासन

नई दिल्ली, 20 मई। नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने मेटा, गूगल और टेलीग्राम को निर्देशित किया है कि वे अफवाहों और संदिग्ध नेटवर्क्स पर कड़ी कार्रवाई करें। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को सुरक्षा तैयारियों का आकलन करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। यह पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, कई टेलीग्राम चैनल और गुमनाम ऑनलाइन समूह बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के निकट अचानक सक्रिय हो जाते हैं और छात्रों तथा अभिभावकों में भ्रम और चिंता फैलाते हैं। ये चैनल फर्जी सूचनाएं साझा करते हैं और कभी-कभी लिंक छात्रों को ऑटोमेटेड बॉट्स और फर्जी समूहों की ओर ले जाते हैं, जहां गलत जानकारी तेजी से फैलती है। इस संदर्भ में, केंद्र सरकार ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और साइबर निगरानी को सख्त करने का फैसला लिया है।

इस विषय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक में पुनर्परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष रूप से आयोजित करने पर चर्चा हुई। इसमें शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक भी शामिल थे। मीटिंग के दौरान परीक्षा से पहले की संभावित कमजोरियों की पहचान, सुरक्षा प्रबंधन और सुधारात्मक कदम उठाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को गंभीर रूप से लेने की बात कही है। इस संदर्भ में मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर फर्जी पेपर लीक, क्लिकबेट सामग्री, और अफवाह फैलाने वाले नेटवर्क्स पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि कई संदिग्ध चैनल सीमित मात्रा में फोन नंबरों से काम कर रहे हैं, जिससे संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने का संदेह है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे नेटवर्क्स के खिलाफ एक केंद्रित अभियान शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले फर्जी सूचनाओं और भ्रमित करने वाले चैनलों की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक और हटाए जाने चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय करें, ताकि भ्रामक सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई संभव हो सके और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को गलत जानकारी से बचाना और परीक्षा की प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी संदर्भ में मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित भ्रामक सूचनाओं के फैलने पर चिंता व्यक्त की गई, खासकर टेलीग्राम चैनलों और गुमनाम ऑनलाइन समूहों द्वारा फैलाई जाने वाली अफवाहों के बारे में।

ज्ञात हो कि नीट यूजी की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले की गहन जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।