नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश के तहत सपा पार्षद को शपथ दिलाई

नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश के तहत सपा पार्षद को शपथ दिलाई

लखनऊ, 24 मई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फैजुल्लागंज वार्ड संख्या-73 से समाजवादी पार्टी के निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को रविवार को नगर निगम मुख्यालय में शपथ दिलाई गई। यह प्रक्रिया उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद लंबी प्रतीक्षा के बाद संपन्न हुई। ललित किशोर तिवारी निर्धारित समय पर नगर निगम पहुंचे, जहां अधिकारियों की उपस्थिति में सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। शपथ लेने के उपरांत उनके समर्थकों ने उनका स्वागत फूलों और मालाओं से किया। शपथ ग्रहण के बाद तिवारी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया।

उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः न्याय की विजय हुई। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।

यह मामला नगर निकाय चुनाव-2023 से संबंधित है। वार्ड संख्या-73 से भाजपा के प्रदीप कुमार शुक्ला ने जीत दर्ज की थी, जिन्हें 4972 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के ललित किशोर तिवारी को 3298 मत प्राप्त हुए थे। चुनाव परिणाम के बाद ललित तिवारी ने अदालत में याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि भाजपा के प्रत्याशी ने नामांकन के साथ दी गई शपथ पत्र में अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में गलत जानकारी दी।

मामले की सुनवाई के बाद, हाईकोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को भाजपा के प्रत्याशी का निर्वाचन रद्द करते हुए ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित पार्षद घोषित कर दिया। इस निर्णय के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट गया, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। फिर भी नगर निगम में शपथ ग्रहण प्रक्रिया लंबित रही। ललित तिवारी लगातार जिलाधिकारी एवं महापौर को पत्र लिखकर शपथ ग्रहण की मांग करते रहे।

जब मामला फिर से हाईकोर्ट में गया, तो न्यायालय ने नगर निगम प्रशासन और महापौर की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन न करना एक गंभीर मुद्दा है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति कमर हसन रिजवी की पीठ ने स्पष्ट किया कि जब तक निर्वाचित पार्षद को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक महापौर के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित रहेंगे।

न्यायालय ने महापौर का कार्यभार जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को सौंपने का निर्देश भी दिया। कोर्ट के सख्त रुख के बाद, महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख करते हुए अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। बाद में शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने रविवार को शपथ ग्रहण कराने का निर्णय लिया। इस बीच, नगर निगम प्रशासन ने मामले में कानूनी सलाह भी ली।