मुंबई एयरपोर्ट पर 2.25 किलो कोकीन की बरामदगी, चार विदेशी गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर 2.25 किलो कोकीन की बरामदगी, चार विदेशी गिरफ्तार

मुंबई, 23 मई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई शाखा ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रग्स तस्करी के दो महत्वपूर्ण प्रयासों को विफल कर दिया है। इस दौरान, विभिन्न मामलों में कुल 2.25 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 11.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन मामलों में चार विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

22 मई 2026 को डीआरआई को सूचना प्राप्त हुई कि अदीस अबाबा (इथियोपिया) से मुंबई आने वाले दो यात्री ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं। एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई की और एक पुरुष और एक महिला यात्री को रोका। पूछताछ में, दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने नशीले पदार्थों से भरे कैप्सूल निगले हैं। बाद में उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल प्रक्रिया के बाद उनके शरीर से 84 कैप्सूल निकाले गए। इन कैप्सूल में 1.40 किलोग्राम कोकीन थी, जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई गई है।

इससे पहले, 19 मई 2026 को डीआरआई ने एक और सफल कार्रवाई की। अदीस अबाबा से आए एक अफ्रीकी पुरुष और महिला यात्री को रोका गया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने कोकीन के कैप्सूल निगलने की बात कबूल की। अस्पताल में उनके मेडिकल चेकअप के दौरान 63 कैप्सूल बरामद हुए, जिनमें 850 ग्राम कोकीन थी और इसकी अनुमानित कीमत 4.25 करोड़ रुपये है।

डीआरआई के अधिकारियों ने सभी चार आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार किया। दोनों मामलों की आगे की जांच जारी है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये कोकीन कहां से आई और इसका नेटवर्क भारत में किस हद तक फैला हुआ है।

डीआरआई की मुंबई यूनिट के प्रमुख ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से भारत में ड्रग्स तस्करी के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषकर अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया गया है। हाल के महीनों में मुंबई एयरपोर्ट पर कई सफल गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे तस्करों की योजनाएं लगातार विफल हो रही हैं।

मुंबई पुलिस और एयरपोर्ट प्राधिकरण ने डीआरआई को पूर्ण सहयोग प्रदान किया। अधिकारियों का मानना है कि ये गिरफ्तारियां न केवल बड़ी मात्रा में ड्रग्स को बाजार में पहुंचने से रोकती हैं, बल्कि युवाओं को नशे के खतरे से भी बचाती हैं।