मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदिवासी क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देने की की अपील

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदिवासी क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देने की की अपील

भोपाल, 21 मई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को जनजातीय कार्य विभाग की प्रगति की बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी किसान जैविक खेती कर रहे हैं, जिसे देखने के लिए मध्य प्रदेश से एक टीम भेजी जाए। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी सुझाव दिया कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में शिक्षा और रहने की सुविधाओं में सुधार किया जाए। उन्होंने परंपरागत सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और समग्र विकास के लिए समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग को भी महत्व दिया।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों को मिलकर आदिवासी क्षेत्र में काम करना चाहिए। साझा प्रयासों से जनहित की सुविधाओं का विकास करना आवश्यक है। इसके अलावा, उन्होंने पशुपालन को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन में सहयोग देने की बात भी की। बैठक में डॉ. यादव ने राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहारिया के समग्र विकास के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी बात की। बैठक में बताया गया कि 2026 में हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा के परिणामों में 10 सर्वश्रेष्ठ जिलों में से 7 आदिवासी जिले शामिल हैं। दिसम्बर 2023 से अब तक कक्षा 9 और 10 के 3 लाख 65 हजार आदिवासी विद्यार्थियों को 137 करोड़ 52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। इसी समय में, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हजार विद्यार्थियों को 673 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि वितरित की गई है। विभाग द्वारा 2671 छात्रावास और आश्रम शालाओं का संचालन किया जा रहा है।

मंत्री विजय शाह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखिया के बैंक खातों में प्रति माह 1500 रुपये की राशि आहार अनुदान योजना के तहत दी जा रही है। दिसम्बर 2023 से अब तक 2 लाख 37 हजार 550 महिलाओं को कुल 432 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।