मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में गंगा दशहरा पर शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में गंगा दशहरा पर शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान

भोपाल, 21 मई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि हिंदू परंपरा के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व बड़े श्रद्धा और श्रद्धांजलि के साथ मनाया जाता है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थीं और मानवता को धन्य किया था। इस साल गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर, राज्य में जल गंगा संवर्धन अभियान को बढ़ाते हुए जन-जन को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यों तक सीमित न हो, बल्कि इसमें जनसहभागिता का व्यापक पहलुओं पर ध्यान दिया जाए। पारंपरिक जल स्त्रोतों का संरक्षण आने वाले समय के लिए आवश्यक है और इसमें हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस सोच के अनुरूप, 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” 19 मार्च से 30 जून 2026 तक राज्य में चलाया जा रहा है।

गंगा दशहरा के कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए जन-सहयोग से कार्य किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में गंगा दशहरा पर आधारित एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

अभियान के दौरान, समुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और उनका पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान के साथ मशीनरी, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों की मदद से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की सफाई और मरम्मत की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, घाटों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और पुराने बंद बोरवेल और ट्यूबवेल के आसपास रिचार्ज पिट का निर्माण किया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार किया जा सके। सरकार ने प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्यों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में पेश किया जा सके।

अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के आयुक्त या जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।