मोनालिसा और विक्रांत की महाकाल से भक्ति, दर्शन के बाद बोले-जब तक बुलावा नहीं आता, कोई नहीं आ सकता

मोनालिसा और विक्रांत की महाकाल से भक्ति, दर्शन के बाद बोले-जब तक बुलावा नहीं आता, कोई नहीं आ सकता

उज्जैन, 21 मई। भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध युगल मोनालिसा और उनके पति विक्रांत सिंह राजपूत ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर जाकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस अवसर पर दोनों ने बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मोनालिसा बाबा को ध्यान से निहारते हुए दिखाई दीं।

इसके अलावा, उन्होंने नंदी महाराज की पूजा भी की और विशेष आशीर्वाद लिया। नंदी हॉल में दोनों बाबा की भक्ति में डूबे नजर आए। दर्शन के बाद इस कपल ने बातचीत में बताया कि वे काफी समय से इस यात्रा की योजना बना रहे थे, पर यह संभव नहीं हो पाया।

विक्रांत सिंह राजपूत ने कहा, "यह मान्यता है कि जब तक बाबा महाकाल का बुलावा नहीं आता, कोई यहां नहीं पहुंच सकता। हम कई वर्षों से आने की इच्छा रख रहे थे और कई बार योजना बनाई, लेकिन हर बार कोई न कोई बाधा आ जाती थी। इस बार बाबा महाकाल के अद्भुत दर्शन का अनुभव शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। मैंने यहां के महाराज से कहा है कि मैं अभी तक इस अनुभव को पूरी तरह समझ नहीं पा रहा, क्योंकि जो मैंने वहां महसूस किया, वह मेरी कल्पना से भी कहीं अधिक था।"

मोनालिसा ने कहा, "हम यहां से बाबा का आशीर्वाद लेकर लौट रहे हैं, क्योंकि हम सोच रहे थे कि हम यहां कैसे और कब आएंगे, लेकिन जब बुलावा आया, तो महाकाल जी ने हमें इस तरह से आमंत्रित किया। मंदिर के भीतर जब हमने बाबा को देखा, तो ऐसा लगा जैसे वे हमें देख रहे हैं। जब उन्होंने श्रृंगार किया, तो उनका रूप अद्भुत था। मैं महाराज जी का धन्यवाद करती हूं कि उनकी कृपा से हम यहां आए और इतना आशीर्वाद लेकर जा रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि दर्शन के बाद उन्हें महसूस हो रहा है कि अब उनकी जिंदगी में कुछ अद्भुत होने वाला है। उन्होंने बताया, "हम लगातार पर्दे पर उपस्थित रहेंगे और आईएएनएस के माध्यम से और भी ज्यादा पहचान पाएंगे।"

विक्रांत सिंह राजपूत ने अपनी आगामी परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा, "मेरी कई फिल्में रिलीज होने के लिए तैयार हैं। हाल ही में मेरी एक फिल्म 'कान्स फिल्म फेस्टिवल' में प्रदर्शित हुई है। कई प्रोजेक्ट्स पर बातचीत चल रही है। मुझे विश्वास है कि महाकाल का आशीर्वाद बना रहा, तो हम जल्द ही कुछ बड़ा करेंगे और फिर यहां आएंगे। जय श्री महाकाल।"