मोगा के पुनर्वास केंद्र से 31 मरीज भागे, जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय समिति

मोगा के पुनर्वास केंद्र से 31 मरीज भागे, जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय समिति

मोगा, 21 मई। पंजाब के मोगा स्थित एक पुनर्वास केंद्र से 31 मरीजों के भागने की घटना पर प्रशासन ने गंभीरता से ध्यान दिया है। इस घटना के चलते मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने गुरुवार को जाँच के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया, जो पूरे मामले की गहरी छानबीन करेगी और अपनी रिपोर्ट 22 मई तक जिला प्रशासन को सौंपेगी।

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार की शाम को अचानक 31 मरीज पुनर्वास केंद्र से भाग निकले। इस घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी। मोगा के डिप्टी मेडिकल कमिश्नर ने ईमेल के माध्यम से सूचित किया कि भागे हुए मरीजों में से आठ एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के अंतर्गत केंद्र में भर्ती किए गए थे, जिससे यह घटना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।

डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि यह घटना संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा की कमी का संकेत है। इसलिए जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में फिर से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गहन जांच आवश्यक है।

जांच कमेटी में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जी), पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) और डिप्टी मेडिकल कमिश्नर शामिल हैं। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि वो घटना से जुड़े सभी पहलुओं और परिस्थितियों की गहन जांच करे। साथ ही यह जानने की कोशिश करे कि मरीज कैसे केंद्र से बाहर निकले और सुरक्षा में कहां कमी रह गई।

प्रशासन ने कमेटी से यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस सुझाव प्रदान किए जाएं, ताकि पुनर्वास केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। इस बीच, पुलिस फरार मरीजों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।