महिला जनप्रतिनिधियों की पहल से मिडल स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और सुरक्षित निस्तारण इकाई स्थापित

महिला जनप्रतिनिधियों की पहल से मिडल स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और सुरक्षित निस्तारण इकाई स्थापित

ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियां आज भी मासिक धर्म के दौरान चुपचाप ही संघर्ष करती हैं। अक्सर उन्हें सेनेटरी पैड, उसके निपटान या अनुकूल वातावरण तक पहुंच नहीं मिल पाती। ये कमियां न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि लड़कियों की स्कूली उपस्थिति, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान पर भी गहरा असर डालती हैं। पंचायती राज विभाग व नीजी संस्था सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज (सी थ्री) के तकनीकी सहयोग से दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड की लदहो पंचायत में किशोरियों के लिए मिडल स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन व सुरक्षित निस्तारण इकाई (डिस्पोजल) स्थापित किया गया। यहां महिला प्रतिनिधियों ने स्कूल में सैनिटरी पैड की उपलब्धता और डिस्पोजल की कमी को एक महत्वपूर्ण समस्या के रूप में चिन्हित किया था। उन्होंने सामूहिक रूप से मुखिया कविता देवी को आवेदन सौंपा और त्वरित समाधान का आग्रह किया। मांग को गंभीरता से लेते हुए तीन से चार माह के भीतर चिन्हित स्कूल में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन के साथ डिस्पोजल लगाया गया।

          यह सब पंचायत में संचालित मेघा परियोजना के तहत संभव हुआ, जिसमें महिला जनप्रतिनिधियों को क्लस्टर स्तरीय संवाद व क्षमता निर्माण मंचों से जोड़कर मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े मुद्दे पर जागरूक किया जाता है। इस पहल में मंजू देवी, फूल कुमारी देवी, विभा देवी, जैतून खातून और बेबी कुमारी सहित महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने समस्या की पहचान, सामूहिक संवाद, आवेदन और निरंतर अनुश्रवण के माध्यम से पंचायत स्तर पर समाधान सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

           मशीन की स्थापना के बाद विद्यालय में जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे किशोरियां मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े विषयों पर अधिक सहजता और आत्मविश्वास के साथ संवाद कर सकें। लदहो ग्राम पंचायत का यह उदाहरण दर्शाता है कि प्रशिक्षित और संवेदनशील महिला जनप्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उन्हें पंचायत स्तर पर समाधान तक पहुंचा सकती हैं।