मायावती का बयान : जनहित की नीति पर ध्यान देना जरूरी

मायावती का बयान : जनहित की नीति पर ध्यान देना जरूरी

लखनऊ, 24 मई। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति को "दुखद और कड़वा" करार देते हुए रविवार को कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की समस्याएं और पूंजीपतियों के पक्ष में बने नीतियों के कारण आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल संकीर्ण और धोखा देने वाली राजनीति अपनाकर जनता का आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन को संकट में डाल रहे हैं।

लखनऊ में बसपा की राज्य इकाई द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मायावती ने विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करना और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने की योजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनावी परिस्थितियों में बदलाव और नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन को और ज्यादा "चुस्त और सक्रिय" बनाना आवश्यक है ताकि उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार स्थापित कर सकें।

बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में चल रहे राजनीतिक और आर्थिक हालात के कारण आम लोगों में असुरक्षा और असंतोष होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों और धन के प्रभाव वाली राजनीति के कारण समाज के हर वर्ग को नुकसान हो रहा है। सरकारों को अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए जनकल्याण, रोजगार, शांति-सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब "आजमाई हुई" बसपा सरकार और उसके नेतृत्व की ओर आशा से देख रही है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में किसी भी लापरवाही से बचने की सलाह दी और कहा कि विरोधियों की हर राजनीतिक चाल और साजिश का डटकर सामना करना होगा।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में विशेष सावधानी बरतने की बात कही और जनहित में मजबूत और जनस्वीकृत उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। उनका लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि "सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय" की नीति को फिर से लागू करना है।

बसपा सुप्रीमो ने पांच राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों का संदर्भ देते हुए कहा कि चुनावी घटनाक्रम और परिस्थितियों को गंभीरता से समझना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से "हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है" के मिशन के साथ जनता के बीच जाने और वोट की सुरक्षा को सम्मान, जान-माल और अधिकारों की सुरक्षा के रूप में देखने का आह्वान किया।