इम्फाल, 24 मई। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को बताया कि उनकी सरकार तकनीकी शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ थोउबल जिले के हेइरोक में निर्माणाधीन मणिपुर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक्सटेंशन कैंपस को जल्दी शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने हेइरोक में एमटीयू एक्सटेंशन कैंपस का निरीक्षण किया और निर्माण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बताया कि परियोजना अब अंतिम चरण में है और लैब भवन एवं इंजीनियरिंग कार्यशाला का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कार्य की प्रगति संतोषजनक है और संस्थान के जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पहले यहां हेइरोक इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण करने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे भी एमटीयू के एक्सटेंशन कैंपस में बदलने का निर्णय लिया गया।
निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि कैंपस को राष्ट्रीय राजमार्ग - 102 (इम्फाल-मोरेह रोड) से जोड़ने वाली छह किलोमीटर लंबी सड़क को पक्का किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कैंपस में बाउंड्री वॉल, नालियां और फुटपाथ बनाने की भी बात की।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित भवनों का निरीक्षण करते हुए पूछा कि सरकार से और किस प्रकार की सहायता की आवश्यकता है। एमटीयू के कुलपति डब्ल्यू. चंदबाबू सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय जुलाई-अगस्त से नए शैक्षणिक सत्र में इस कैंपस में कुछ कक्षाओं की शुरुआत करने की योजना बना रहा है।
उन्होंने कैंपस में पेयजल और बिजली की सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और सुधार का आश्वासन दिया।
हेइरोक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने थोउबल जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय का भी अवलोकन किया, जो वर्तमान में राज्य सरकार की अस्थायी इमारत में संचालित हो रहा है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों के साथ बातचीत की और विद्यालय परिसर में पौधे लगाए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने हेइरोक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर अस्पताल के बुनियादी ढाँचे में सुधार का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने हेइरोक महिला बाजार का भी निरीक्षण किया और बाजार शेड की स्थिति का आकलन किया। उनके दौरे के दौरान कई ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और उनके काफिले का अभिवादन किया।
इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र में चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की प्रगति की जांच करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना था।