इंफाल, 21 मई। कूकी इन्पी मणिपुर ने गुरुवार को कुकी-जो समुदाय के 14 सदस्यों की कथित गिरफ्तारी के खिलाफ चल रहे बंद को 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया।
कुकी इंपी मणिपुर के सूचना एवं प्रचार सचिव जंघाओलुन हाओकिप ने कहा कि नागा बहुल सेनापति जिले में समुदाय के लोगों को बंधक बनाए जाने की घटनाओं के कारण यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने अपने बयान में कहा, "हमारी प्राथमिकता सभी बंधकों की बिना शर्त और तत्काल रिहाई है। 13 मई को तीन कुकी-जो चर्च नेताओं की क्रूर हत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, फिर भी समुदाय ने शांति और सह-अस्तित्व को बनाए रखने का प्रयास किया है।"
हाओकिप ने बताया कि नागरिकों के अपहरण और हिरासत की खबरों के बावजूद, समुदाय ने मानवीय दृष्टिकोण से 200 से अधिक नागा लोगों को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया।
बयान में कहा गया कि मराम स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष को भी सद्भावना के तहत रिहा किया गया, जिससे दोनों समुदायों के बीच तनाव कम करने और शांति बनाए रखने की कोशिश की गई।
उन्होंने मार्च 2026 में उखरूल जिले के लितान विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान कुकी-जो समुदाय ने 21 तांगखुल नागा बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की थी, जबकि उस घटना में दो कुकी-जो लोगों की जान गई थी और दो अन्य पर हमले हुए थे।
हाओकिप ने बताया कि 14 मई को आईटी रोड पर पांच नागा लोगों को भी रिहा किया गया था ताकि तनाव और न बढ़े।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, 13 मई की घटनाओं के बाद कुकी और नागा समुदायों के 40 से अधिक लोगों को विभिन्न समूहों ने बंधक बना लिया था। बाद में प्रशासन, समुदाय नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों से 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के लगभग 30 व्यक्तियों को रिहा कर दिया गया।
कुकी इंपी मणिपुर ने 13 मई की मध्यरात्रि से तीन दिवसीय पूर्ण बंद का ऐलान किया था, जिसके चलते खासतौर पर कांगपोकपी जिले में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
यह बंद कांगपोकपी जिले में तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की हत्या और चार अन्य लोगों के घायल होने की घटना के विरोध में लागू किया गया था।
दूसरी ओर, नागा समुदाय भी विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर रहा है और अपने बंधक बनाए गए ग्रामीणों की रिहाई की मांग कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल लगातार नौवें दिन कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि अभी भी बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित ढंग से छुड़ाया जा सके।
इस बीच, 10 सदस्यीय चर्च नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार से नागा बहुल सेनापति जिले का दौरा कर रहा है, जहाँ वह दोनों समुदायों के बीच तनाव कम करने का प्रयास कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात की और कांगपोकपी तथा सेनापति जिलों में चल रहे जातीय संकट पर चर्चा की।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, चर्च नेताओं ने सेनापति जिले में यूनाइटेड नागा काउंसिल, नागा पीपल्स ऑर्गनाइज़ेशन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की।
बैठक में दोनों जनजातियों के बीच तनाव को कम करने और बंधक संकट का समाधान खोजने के उपायों पर विचार किया गया।
वहीं, पूर्वोत्तर के आठ प्रमुख छात्र संगठनों के शीर्ष निकाय पूर्वोत्तर छात्र संगठन ने गुवाहाटी में अपनी बैठक के बाद क्षेत्र में चल रहे हत्याओं, अपहरण और नागरिकों को डराने-धमकाने की घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
पूर्वोत्तर छात्र संगठन ने कहा कि इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में भय, असुरक्षा और अस्थिरता का माहौल बना दिया है।