बरेली, 25 मई। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने लखनऊ के मलिहाबाद किले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बातचीत में कहा कि पासी समाज द्वारा जिस किले का जिक्र किया जा रहा है, वह उनके अधिकार में नहीं है। यह किला अवध के एक नवाब का है, और इसके निकट स्थित कब्रिस्तान भी मलिहाबाद के एक स्थानीय परिवार का है। जिस मस्जिद की चर्चा की जा रही है, वह उस नवाब द्वारा बनवाई गई थी।
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि पासी समाज का यह दावा भ्रामक, गलत और ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक चलन बन गया है कि कुछ लोग विभिन्न मुद्दों पर विवाद खड़ा कर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहचानने और बेनकाब करने की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नीतीश राणे की टिप्पणी पर रिजवी बरेलवी ने कहा कि उन्हें इस्लाम के मूल सिद्धांतों को समझाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस्लाम में आभासी चीजों का कोई स्थान नहीं है, बल्कि यह व्यावहारिकता पर जोर देता है। मुसलमान अपने धर्म के आधार पर कार्य करते हैं और यहाँ आभासी कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्बानी का सिलसिला हमेशा जारी रहेगा।
नीतीश राणे के मदरसों पर दिए गए बयानों के संदर्भ में रिजवी बरेलवी ने कहा कि उनके विचारों से यह प्रतीत होता है कि वे इस्लाम के बारे में अज्ञानी हैं। उन्होंने न कभी इस्लाम का अध्ययन किया है और न ही मदरसों के विषय में कोई जानकारी रखी है। नीतीश राणे को मदरसों के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए।