नई दिल्ली, 23 मई। महाराष्ट्र के पुणे में एक महिला पर हुए संदिग्ध तेजाब हमले और घरेलू हिंसा के मामले को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने अपने स्तर पर उठाया है। आयोग ने इस मामले में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगने का निर्णय लिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला के पति ने संदेह में आकर उसकी शारीरिक स्थिति पर तेजाब डाल दिया, यह मानते हुए कि उसके किसी अन्य पुरुष से संबंध हैं। इसके साथ ही, उसे कई दिनों तक घर में बंद रखा गया और उसके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर ने इस गंभीर घटना की कड़ी निंदा की है और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर त्वरित, सख्त और समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आयोग से सात दिन के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (एटीआर) की मांग की है।
आयोग ने डीजीपी से FIR की प्रतिलिपि, भारतीय न्याय संहिता के तहत आरोप, जांच की वर्तमान स्थिति, आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ, पीड़िता के चिकित्सा उपचार एवं फॉरेंसिक जांच, अपराध में प्रयुक्त तेजाब की बरामदगी, और पीड़िता तथा उसके बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
एनसीडब्ल्यू ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच को अत्यधिक संवेदनशीलता, तत्परता और निष्पक्षता से किया जाए। आयोग ने कहा कि तेजाब हमले और घरेलू हिंसा जैसे अपराध घातक होते हैं और इन पर कानून की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि पति ने केवल महिला को शारीरिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया, बल्कि उसे चिकित्सीय सहायता से भी वंचित रखा, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस से पीड़िता और उसके बच्चों को तात्कालिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके उचित पुनर्वास की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि मामले में कोई लापरवाही हुई, तो वह स्वयं कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।