जलगांव, 22 मई। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर एक बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकारी वाहनों की आवाजाही को बाधित कर दिया, जिससे वहाँ अव्यवस्था उत्पन्न हो गई और लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
इस प्रदर्शन का उद्देश्य किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की मांग करना है। पवार गुट के कार्यकर्ता इस मुद्दे पर हर तालुका में तेज़ी से सक्रिय हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर सरकारी गाड़ियों को रोकते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पवार गुट के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि वे जिलाधिकारी और किसी भी अधिकारी की गाड़ी को कार्यालय से बाहर नहीं जाने देंगे। इस प्रदर्शन के कारण कई सरकारी वाहन कार्यालय के अंदर ही रुक गए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि चाहे कितना भी समय लगे, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को सरकारी गाड़ियों से घर नहीं जाने दिया जाएगा।
जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कल से ज़िले के सभी तालुका में सरकारी गाड़ियों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को गाड़ियों में आवागमन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शरद पवार गुट के इस आंदोलन ने जलगांव प्रशासन में हलचल मचा दी है। प्रदर्शन शांति से चल रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रामक व्यवहार के कारण प्रशासन सतर्क हो गया है।
यह प्रदर्शन किसानों की समस्याओं और उन्हें डीजल उपलब्ध कराने की मांग के लिए शुरू किया गया है। पवार गुट के नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।