उज्जैन, 22 मई। ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर बाबा महाकाल के दरबार में विशेष उत्साह का माहौल था। शुक्रवार की भोर में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्रित हुई। अपने प्रिय देव के दर्शन के लिए लोग देश-विदेश से देर रात से ही लंबी कतारों में खड़े थे।
परंपरा के अनुसार, सुबह भोर में भगवान वीरभद्र की अनुमति लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही चारों ओर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष गूंजने लगे। मंदिर परिसर घंटियों, शंख की आवाज और मंत्रों की ध्वनि से भर गया। कपाट खुलने पर सबसे पहले भगवान को जल अर्पित किया गया, उसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से बाबा का दिव्य अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर 'जय श्री महाकाल' के जयकारों और शंखनाद से गूंज उठा।
अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का बेहद आकर्षक और दिव्य शृंगार किया गया। इस विशेष सजावट में बाबा को चांदी के नाग, मुंडमाला और ताजे बेलपत्रों से सजाया गया। उसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म अर्पित की गई। इस अवसर पर महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देने का अद्भुत अनुभव हुआ। भस्म आरती का यह अलौकिक स्वरूप देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
बाबा महाकाल का 'निराकार से साकार' रूप उस शिव के आध्यात्मिक और दार्शनिक रूपांतरण का प्रतीक है, जिसमें अनंत, रूपहीन और सर्वव्यापी परमात्मा (निराकार) भक्तों के कल्याण हेतु एक निश्चित और पूजनीय स्वरूप (साकार) में प्रकट होते हैं।
इस अधिकमास के पावन अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन करने का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह है कि बहुत से भक्त इस आरती में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आते हैं। मंदिर में दर्शन के लिए आम श्रद्धालुओं के अलावा कई प्रसिद्ध हस्तियां भी उपस्थित होती हैं। अभिनेता सुनील शेट्टी अपने बेटे अहान शेट्टी की फिल्म बॉर्डर 2 के रिलीज से पहले और बाद में दर्शन के लिए आए थे। इसके अलावा, गुरुवार को भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा और उनके पति अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत भी बाबा के दर्शन हेतु पहुंचे थे।