मध्य प्रदेश ने गेहूं खरीद में 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य हासिल किया, किसानों के खातों में 20,680 करोड़ का ट्रांसफर

मध्य प्रदेश ने गेहूं खरीद में 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य हासिल किया, किसानों के खातों में 20,680 करोड़ का ट्रांसफर

भोपाल, 23 मई। मध्य प्रदेश ने इस वर्ष गेहूं खरीद में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य में अब तक लगभग 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हो चुकी है, जिससे यह पंजाब के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं खरीदने वाला राज्य बन गया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने शनिवार को बयान दिया।

सरकार के अनुसार, इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 13.1 लाख किसानों से गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई है। इस उपलब्धि के साथ, मध्य प्रदेश उन प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ अधिकतम संख्या में किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिल रहा है।

राज्य सरकार ने अब तक किसानों के बैंक खातों में 20,680 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा कर चुकी है। किसानों को प्रति क्विंटल 2,625 रुपए का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें केंद्र द्वारा निर्धारित 2,585 रुपए एमएसपी और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिए जा रहे 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस शामिल हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री मोहन यादव की सक्रियता और लगातार निगरानी को दिया। उनका कहना है कि कोविड के वक्त को छोड़कर, यह पिछले 10 वर्षों में सबसे बड़ी समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी है।

मंत्री ने कहा कि प्रारंभ में गेहूं खरीद का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन था, लेकिन राज्य सरकार की प्रभावी निगरानी और प्रयासों के कारण इसे केंद्र द्वारा बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार खरीददारी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न खरीद केंद्रों का अचानक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने तौल व्यवस्था, बारदानों की उपलब्धता और किसानों के लिए आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और भुगतान प्रक्रिया व अन्य मुद्दों की जानकारी प्राप्त की।

किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने स्लॉट बुक कर चुके किसानों के लिए खरीदारी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ा दी है। सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी है। आवश्यकतानुसार, जिला प्रशासन को अतिरिक्त कांटे स्थापित करने का भी अधिकार दिया गया है।

इसके अलावा, तौल पर्ची जारी करने का समय रात 10 बजे तक और भुगतान वाउचर जारी करने का समय आधी रात तक बढ़ा दिया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सप्ताह में छह दिन खरीददारी का कार्य जारी रहेगा।

सरकार का कहना है कि सभी खरीद केंद्रों पर बारदाने, तौल कांटे, हम्माल, कंप्यूटर, गुणवत्ता जांच उपकरण, और सफाई व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।