भोपाल, 20 मई। मध्य प्रदेश में विकासात्मक परियोजनाओं और जनहित कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए मोहन कैबिनेट ने 30,055 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में किया गया। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इनमें बुजुर्गों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना हेतु 15,184 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है। इसके साथ ही, किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के समय सहायता पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के निरंतर क्रियान्वयन के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
मंत्रिमंडल ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत बुजुर्गों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना हेतु 15,184.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लिए 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक लगातार संचालन हेतु 2,123.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इस योजना के तहत, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं को पात्रता के अनुसार हर महीने 600 रुपये पेंशन के रूप में दिए जाते हैं। राज्य सरकार की समग्र सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों के लिए निरंतर संचालन हेतु 13,061 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
इस योजना के तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित बुजुर्गों, 18 वर्ष से ऊपर की कल्याणी (विधवा) महिलाओं, 6 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग जिन्हें 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता है और 50 वर्ष या उससे अधिक आयु की अविवाहिताओं को पात्रता के अनुसार हर महीने 600 रुपये पेंशन मिलती है।
मंत्रिमंडल ने सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस स्वीकृति के अनुसार, सिवनी की बंडोल समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत 232 करोड़ 57 लाख रुपये के बजाय अब 266 करोड़ 17 लाख रुपये हो गई है।
देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना की मूल स्वीकृत लागत 237 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 327 करोड़ 7 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।