LPG किल्लत से Zomato-Swiggy के लुढ़के शेयर, बंद होने की कगार पर रेस्टोरेंट!

LPG किल्लत से Zomato-Swiggy के लुढ़के शेयर, बंद होने की कगार पर रेस्टोरेंट!

देश में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब फूड डिलीवरी सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Eternal Ltd.) और स्विगी (Swiggy Ltd.) के शेयरों में गुरुवार, 12 मार्च को 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी के कारण रेस्टोरेंट्स का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर इन कंपनियों के कारोबार पर पड़ रहा है।

पश्चिम एशिया तनाव से प्रभावित हुई गैस सप्लाई

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने गैस सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। दुनिया के बड़े गैस उत्पादकों में शामिल कतर एनर्जी ने फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया है। इसके चलते गैस की सप्लाई बाधित हुई है और इसका असर कई देशों के साथ-साथ भारत पर भी पड़ा है।

रेस्टोरेंट्स पर बढ़ा संकट

देशभर में कई रेस्टोरेंट्स या तो अपने मेन्यू में कटौती कर रहे हैं या फिर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सामान्य होने तक दुकानें बंद करने की स्थिति में हैं। सरकार घरेलू गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए गैस की कमी लगातार बढ़ती जा रही है।

गिग वर्कर्स पर भी पड़ा असर

गिग वर्कर्स एसोसिएशन (GIPSWU) ने इस संकट को लेकर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार गैस की कमी के कारण फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर 50% से 60% तक ऑर्डर प्रभावित हुए हैं। संघ ने मांग की है कि जोमैटो और स्विगी प्रभावित कर्मचारियों को 10,000 रुपये की राहत राशि दें। इसके साथ ही तीन महीने तक आईडी निष्क्रिय न करने और न्यूनतम दैनिक इंसेंटिव देने की भी मांग की गई है। संगठन का दावा है कि इस संकट से करीब एक करोड़ श्रमिक प्रभावित हो सकते हैं।

शेयर बाजार में दिखा असर

इस खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। इटरनल (जोमैटो) के शेयर करीब 4.4% गिरकर 214 रुपये पर आ गए। स्विगी के शेयर भी करीब 4% गिरकर 272 रुपये पर कारोबार करते दिखे। स्विगी का शेयर अपने आईपीओ प्राइस 390 रुपये से काफी नीचे है, जबकि जोमैटो भी अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 367 रुपये से काफी नीचे आ चुका है।

QSR कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट

गैस संकट का असर क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर पर भी पड़ा है।

जुबिलेंट फूडवर्क्स – लगभग 4% गिरावट

सफायर फूड्स – करीब 3% गिरावट

वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड – करीब 3% गिरावट

देवयानी इंटरनेशनल – करीब 1% गिरावट

हॉर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई में बाधा

कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई चरमरा गई है। सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है, जिसकी एक बड़ी वजह हॉर्मुज स्ट्रेट से आने वाली सप्लाई में व्यवधान है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 90% आयात करता है, जिसमें कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे मध्य पूर्वी देश प्रमुख सप्लायर हैं।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा जोखिम

विश्लेषकों के मुताबिक अगर मार्च के अंत तक गैस की कमी बनी रहती है तो इसका असर फूड डिलीवरी कंपनियों के कारोबार पर पड़ सकता है। रेस्टोरेंट्स में मेन्यू कटौती, सीमित कुकिंग टाइम या अस्थायी बंदी की स्थिति से प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर कम हो सकते हैं। इससे चौथी तिमाही में ऑर्डर वॉल्यूम में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है।

रेस्टोरेंट्स के लिए गंभीर स्थिति

एलपीजी की कमी रेस्टोरेंट्स के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं है। छोटे रेस्टोरेंट रोजाना 1–2 कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। मध्यम आकार के रेस्टोरेंट को 3–5 सिलेंडर की जरूरत होती है। बड़े होटल किचन में रोजाना 6–10 सिलेंडर तक की खपत होती है। अधिकांश रेस्टोरेंट्स के पास सीमित स्टोरेज क्षमता होती है, जिसके कारण उनके पास आमतौर पर केवल 2 से 6 दिनों का ही गैस स्टॉक होता है।