कोलकाता, 20 मई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान के समर्थन से कार्यरत एक जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। एजेंसी के अनुसार, यह आरोपी भारत के खिलाफ आतंकवादी साजिशों के तहत पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील सुरक्षा जानकारियाँ उपलब्ध करा रहा था।
एनआईए द्वारा बुधवार को जारी किए गए बयान में बताया गया है कि गिरफ्तार शख्स का नाम जफर रियाज उर्फ रिजवी है, जो कोलकाता का निवासी है। उसके विरुद्ध पहले से लुकआउट सर्कुलर जारी था और उसे घोषित अपराधी मानने की प्रक्रिया भी चल रही थी।
एजेंसी ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की कई धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है।
जांच के अनुसार, आरोपी की शादी एक पाकिस्तानी महिला से हुई है और उसके बच्चे भी पाकिस्तान के नागरिक हैं। एजेंसी ने यह भी बताया कि जफर पहले भी एक जासूसी मामले में आईपीसी और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया जा चुका है।
एनआईए के अनुसार, जफर 2005 से भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार यात्रा कर रहा था। इसी दौरान पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने उससे संपर्क किया और उसे पैसे और पाकिस्तानी नागरिकता का लालच देकर भारत में जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए प्रेरित किया।
एनआईए ने बताया कि आरोपी ने पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों को भारतीय मोबाइल नंबरों के वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्रदान किए, ताकि वे व्हाट्सएप खातों को सक्रिय कर सकें, जिससे अन्य जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों को संचालित किया जा सके।
इन व्हाट्सएप खातों का प्रयोग कथित पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने मोतीराम जाट के साथ गुप्त संचार स्थापित करने के लिए किया। जांच एजेंसी ने कहा कि मोतीराम जाट भी सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान पहुँचाने में शामिल था।
एनआईए ने कहा कि इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और समस्त षड्यंत्र का पता लगाने के लिए जाँच प्रक्रिया जारी है।