महाराजगंज, 21 मई। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के चलते ईंधन की कमी के कारण यहां के किसान रातों को पेट्रोल पंपों पर बिताने को विवश हैं। डीजल के लिए लाइनें इतनी लंबी हो गई हैं कि लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एक किसान ने बातचीत में कहा कि हम डीजल लेने आए हैं, लेकिन यहां स्थिति अत्यंत खराब है। रात के समय, कई लोग पेट्रोल पंप पर मच्छरदानी लगाकर सोते हुए देखे जा रहे हैं। किसानों को यह भी नहीं पता कि डीजल कब मिलेगा और कब नहीं, इसलिए वे बोतल और कनस्तर लेकर इंतजार कर रहे हैं।
किसान ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी की सभी बातों को मानने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब धान का बीज बोने का सही समय है। इस समय किसानों को पंपसेट चलाने के लिए डीजल की जरूरत है, लेकिन महाराजगंज में इसकी बेहद कमी है। किसानों के पास इतना डीजल नहीं है कि वे अपने पंपसेट चला सकें। अब तक धान का बीज बो दिया जाना चाहिए था और खेतों में पानी भी पहुंच जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि डीजल की कमी और ट्यूबवेल-नहरों की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी की भारी कमी हो गई है। ऐसे में हमें अपने पंपसेट से खेतों में पानी डालना पड़ता है। इस समय खेतों में पानी देने के लिए डीजल की भारी कमी महसूस हो रही है। सरकार द्वारा इस समस्या का समाधान क्या किया जा रहा है, यह समझ नहीं आ रहा है।
19 मई को पेट्रोल की कीमत 86 पैसे और डीजल की 83 पैसे प्रति लीटर बढ़ गई थी। इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में इजाफा देखा गया था, जिसमें पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर और सीएनजी में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।