किसानों के रजिस्ट्रेशन और ज्ञान भारत मिशन में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

किसानों के रजिस्ट्रेशन और ज्ञान भारत मिशन में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ, 20 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रगति की जांच की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने लंबित स्टाम्प वादों के त्वरित समाधान, किसानों की पूर्ण फार्मर रजिस्ट्री और 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में तेजी लाने के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्य सचिव ने यह निर्देश दिया कि जिन जिलों में खसरावार मूल्यांकन के लिए गाटों की प्रविष्टियां प्रेरणा पोर्टल पर लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपलोड किया जाए।

उन्होंने वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, चंदौली, गाजीपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, रामपुर, मऊ और पीलीभीत में मूल्यांकन सूची के लंबे समय तक अद्यतन न होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल पुनरीक्षण करने का आदेश दिया। उन्होंने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और एआईजी न्यायालय को निर्देशित किया कि वे स्टाम्प वादों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें, जिससे राजस्व से जुड़े मामलों में कोई अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में उप निबंधक कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन का विषय भी उठाया गया। मुख्य सचिव ने आगरा, फिरोजाबाद, रामपुर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, उन्नाव, बस्ती, बांदा, बिजनौर, महराजगंज, मुरादाबाद, मेरठ, मैनपुरी, लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित मामलों के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान कर शीघ्र आवंटन सुनिश्चित करें।

उन्होंने टिप्पणी की कि भारत सरकार के 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर के संरक्षण के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शिक्षण संस्थानों, निजी और सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तिगत संग्रहों में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों को स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि उनका डिजिटल संरक्षण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति की भी समीक्षा की और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभियान चलाकर सभी किसानों का समयबद्ध तरीके से पूर्ण पंजीकरण सुनिश्चित करें।