केरल में सीईओ का सचिव बनना कांग्रेस की कार्यशैली का उदाहरण: लॉकेट चटर्जी

केरल में सीईओ का सचिव बनना कांग्रेस की कार्यशैली का उदाहरण: लॉकेट चटर्जी

कोलकाता, 24 मई। भाजपा के नेता लॉकेट चटर्जी ने केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव बनाने पर आलोचना की है। उनका कहना है कि ऐसा करना कांग्रेस की कार्यशैली और विचारधारा को स्पष्ट करता है।

भाजपा नेता ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 70 वर्षों में देश को कमजोर किया जबकि भाजपा पूरे राष्ट्र के एकीकरण के लिए प्रयासरत है।

लॉकेट चटर्जी ने पश्चिम बंगाल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह राज्य तीन देशों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है, जो इसे रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम बनाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से पश्चिम बंगाल को विकास और सुरक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ाने का सपना देख रही है और यह सपना अब वास्तविकता में बदलता हुआ नजर आ रहा है।

उन्होंने राज्य में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के आने से पहले ही यह सुनिश्चित कर लिया गया था कि पश्चिम बंगाल में सभी अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा।

लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि नई सरकार बनने के मात्र 15 दिनों में तिलजला क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को नष्ट किया गया है। उनके अनुसार, यह कार्रवाई कानून व्यवस्था को मजबूत करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।

भाजपा के नेता ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान और कानून सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करते हैं, और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। जिन लोगों ने अवैध रूप से निर्माण किया है, उन्हें इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

लॉकेट चटर्जी ने राज्य में अवैध प्रवासी मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से कई वर्षों से ऐसे लोगों की पहचान और उन पर कार्रवाई के निर्देश मिलते रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोग राज्य को छोड़कर चले गए हैं, लेकिन कई लोग अब भी बिना वैध कागजात के यहाँ रहने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के शासन में इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।