कर्तार सिंह सराभा की जयंती: मुख्यमंत्री समेत अनेक नेता हुए श्रद्धांजलि अर्पित

कर्तार सिंह सराभा की जयंती: मुख्यमंत्री समेत अनेक नेता हुए श्रद्धांजलि अर्पित

नई दिल्ली, 24 मई। स्वतंत्रता संग्राम के युवा शहीद करतार सिंह सराभा की जयंती पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी नेताओं ने उस नायक को याद किया जिसने गदर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मात्र 19 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया था।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "मां भारती की आजादी के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी शहीद करतार सिंह सराभा की जयंती पर उन्हें मेरी श्रद्धांजलि एवं कोटिशः नमन।"

उन्होंने यह भी कहा, "सराभा जी की वीरता, मातृभूमि के प्रति उनकी निष्ठा और देशभक्ति का इतिहास में हमेशा महत्वपूर्ण स्थान रहेगा। उनका जीवन हमें अपने राष्ट्र का हित पहले रखने और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिकारी और अदम्य देशभक्ति का प्रतीक करतार सिंह सराभा की जयंती पर उन्हें मेरी श्रद्धांजलि। मातृभूमि के लिए उनका बलिदान और साहस देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।"

राजस्थान के शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने लिखा, "गदर आंदोलन के महान क्रांतिकारी, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सब कुछ समर्पित किया, अमर शहीद करतार सिंह सराभा की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। उनके अदम्य साहस और बलिदान की मिसाल आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।"

मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह ने कहा, "भारत माता के महान सपूत, क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा की जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने अल्प आयु में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर युवाओं के सामने साहस और बलिदान का अनुपम उदाहरण पेश किया। उनका जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और मातृभूमि के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।"

भाजपा की पूर्व सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने लिखा, "देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाला, मातृभूमि का सबसे युवा सपूत अमर शहीद करतार सिंह सराभा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। केवल 19 वर्ष की आयु में उनका बलिदान और साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।"