नई दिल्ली, 24 मई। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक दुर्घटना में 8 लोगों की जान चली गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर घटना पर शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तर कन्नड़ जिले की इस दुर्घटना में लोगों की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना जताई है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक पोस्ट में इस दुखद घटना से हुई जान-माल की हानि पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं साझा की और प्रार्थना की कि वे इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्राप्त कर सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारवार जिले में हुई इस दुखद दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि जो लोग अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, उनके प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं। साथ ही, उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से हर मृतक के परिवार के लिए 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि घायलों को 50,000 रुपए की मदद दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि कर्नाटक के कारवार की दुर्घटना ने उन्हें बहुत दुखी किया है। उन्होंने सभी क्षति ग्रस्तों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि यह जानकर गहरा दुःख हुआ है कि उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल के निकट टट्टेहकालू समुद्र तट पर एक ही परिवार के 8 सदस्य नदी में डूब गए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं के लिए शांति की प्रार्थना की और कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। राज्य सरकार ने इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्णय लिया है। साथ ही, कुछ अन्य लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज के लिए तलाशी अभियान जारी है। हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करें कि लापता लोग सुरक्षित पाएं जाएं।
उत्तर कन्नड़ के एसपी दीपन एमएन ने बताया कि आज सुबह लगभग 10:30 बजे 14 लोग अलवेकोडी नदी में सीपियों की तलाश के लिए गए थे। इस दौरान, पानी में अचानक बहाव बढ़ने से 8 लोग बह गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर है और उन्हें मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। तीन अन्य लोग अभी भी लापता हैं, और उनकी खोज के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। तटीय सुरक्षा पुलिस स्थानीय मछुआरों और समुदाय के सदस्यों के सहयोग से नावों का उपयोग कर इस अभियान को संचालित कर रही है।