कांग्रेस वोट बैंक सुरक्षित करने के लिए तुष्टिकरण कर रही है: बीवाई विजयेंद्र

कांग्रेस वोट बैंक सुरक्षित करने के लिए तुष्टिकरण कर रही है: बीवाई विजयेंद्र

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शनिवार को कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए अल्पसंख्यकों को खुश करके अपने वोट बैंक को मजबूत कर रही है।

बेंगलुरु में भाजपा के कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही तुष्टिकरण की सभी हदें पार कर दी हैं।

उन्होंने कहा, "राज्य में हिंदुओं पर निरंतर अत्याचार हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों को खुश रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। आलंद दंगा मामले में कैबिनेट का निर्णय स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि कांग्रेस कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय अपने वोट बैंक की रक्षा कर रही है।"

विजयेंद्र ने यह भी कहा कि कर्नाटक की जनता कांग्रेस द्वारा हिंदुओं के अपमान को बारीकी से देख रही है। उन्होंने बताया, "भाजपा विपक्ष के रूप में इन नीतियों के खिलाफ जोरदार संघर्ष करेगी। हम सड़कों पर उतकर सरकार की 'हिंदू विरोधी' नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।"

अनेकल में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम पर अपनी राय व्यक्त करते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर किसानों के मुद्दों की अनदेखी और “रियल एस्टेट कारोबार” में संलिप्तता का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस किसानों की समस्याओं को समझने में असफल रही है और न तो बाढ़ के हालात में और न ही सूखे में उनके साथ खड़ी हुई है।"

विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के जनप्रतिनिधि और मंत्री प्रभावित क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनने में असफल रहे हैं।

उन्होंने कहा, "बेंगलुरु एयरपोर्ट के पास हजारों एकड़ भूमि है, जहां स्टेडियम का निर्माण किया जा सकता था, लेकिन सरकार अनेकल की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को संकट में डाल रही है। भाजपा हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनके हितों की रक्षा करेगी।"

राज्यसभा उम्मीदवार चयन के संदर्भ में विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा को राज्यसभा भेजने का विरोध नहीं किया है।

उन्होंने बताया, "एक सीट खाली है और उम्मीदवार चयन पर चर्चा जारी है। भाजपा ने देवेगौड़ा को राज्यसभा भेजने के खिलाफ कोई रुख नहीं अपनाया है। इस पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। अभी कोई विशेष निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।"