नई दिल्ली, 21 मई। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुलाकात की, जिसमें तेलंगाना में चल रहे रेल परियोजनाओं पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा की।
मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि आज की बैठक में तेलंगाना की विभिन्न प्रमुख रेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इनमें नई रेल मार्गों का निर्माण, विद्युतीकरण कार्य, स्टेशनों का विकास और उच्च गति रेल कॉरिडोर परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हम हैदराबाद और उसके आसपास एमएमटीएस सेवाओं को मजबूत करने पर बात करने के साथ-साथ ट्रेनों की नियमितता और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर देते रहे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि सेवाओं के सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में केंद्र सरकार तेलंगाना में रेल बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय रेलवे ने दक्षिणी रेलवे की लागत 993 करोड़ रुपये वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना की स्वीकृति दी थी। यह जानकारी रेल मंत्रालय ने मंगलवार को दी।
रेल मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह सेगमेंट चेन्नई के उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोड़ता है। इससे देशव्यापी सुरक्षित, तेज और कुशल रेल परिवहन में मजबूती आएगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना से यात्रियों की आवाजाही में सुधार होगा, भीड़ कम होगी और सीमेंट, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न के परिवहन में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिए मजबूती प्रदान करेगी, जिससे प्रमुख वस्तुओं जैसे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात के परिवहन में लाभ होगा।