झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षा बलों को अभूतपूर्व सफलता मिली है। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय 25 माओवादी और प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी के दो उग्रवादियों समेत कुल 27 नक्सलियों ने गुरुवार को रांची के पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना राज्य के इतिहास में एक दिन में सबसे बड़ी सामूहिक आत्मसमर्पण मानी जा रही है। डीजीपी तदाशा मिश्रा और पुलिस-सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें से आठ हार्डकोर नक्सली हैं, जिन पर सरकार ने लाखों का इनाम रखा था, जिनमें से छह पर पांच लाख रुपए, एक पर दो लाख रुपए और एक महिला नक्सली पर एक लाख रुपए का इनाम है।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी उग्रवादियों के खिलाफ राज्य के अलग-अलग थानों में 426 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, पुलिस पर हमले, लेवी वसूली, विस्फोट, और अन्य हथियारबंद गतिविधियों के आरोप शामिल हैं।
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों को सौंपे। इसमें एक एलएमजी इंसास, चार इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन राइफल, एक पिस्तौल, 31 मैगजीन, 2987 कारतूस और आठ वॉकी-टॉकी शामिल हैं। सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के चलते मुख्यधारा में लौटने वालों में भाकपा माओवादी संगठन के सात सब जोनल कमांडर, सात एरिया कमांडर और 13 सक्रिय कैडर भी शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख इनामी नक्सलियों में गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल और सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा शामिल हैं। जेजेएमपी संगठन के सचिन बेक ने भी आत्मसमर्पण किया।
इनके अलावा दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, करण तियू उर्फ डांगुर, बासुमती जेराई उर्फ बासू, बैजनाथ मुंडा, रघु कायम उर्फ गुणा, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका और राम दयाल मुंडा जैसे कई अन्य उग्रवादी भी मुख्यधारा में लौट आए हैं।
महिला कैडरों में वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया और अनिशा कोड़ा उर्फ रानी के नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक मदद और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त, हथियार जमा करने पर उन्हें निर्धारित राशि भी अलग से दी जाएगी। नक्सलियों के आत्मसमर्पण समारोह में आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी इन्द्रजीत महथा, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, शैलेंद्र वर्णवाल, एसएसपी राकेश रंजन, एसपी हरिश बिन जमा, और एसपी सौरभ समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।