झारखंड हाईकोर्ट ने होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, मांगा रिपोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, मांगा रिपोर्ट

रांची, 22 मई। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, जो होटवार में स्थित है, में एक महिला कैदी के साथ जेल अधीक्षक द्वारा किए गए यौन शोषण के आरोप पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। अदालत ने इस गंभीर मामले पर मीडिया की रिपोर्टों और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा किए गए सवालों का स्वतः संज्ञान लिया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने इसे जनहित याचिका में बदलकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान, अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस अधिकारी पर कैदियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी पर गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और हाईकोर्ट अब पूरी घटना की निगरानी करेगा।

खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। अदालत ने डीजीपी से दो सप्ताह के भीतर इस मामले की रिपोर्ट देने के लिए कहा है और अगली सुनवाई की तिथि 8 जून निर्धारित की है। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर जेल में महिला कैदी के यौन शोषण, गर्भवती होने और फिर गर्भपात कराने के प्रयासों के गंभीर आरोप लगाने का जिक्र किया है।

अदालत ने मामले को जेल प्रशासन द्वारा दबाने की कोशिश पर भी नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट प्रश्न किया कि इन आरोपों की जांच के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

इस समिति में निदेशक (प्रशासन) मनोज कुमार, सहायक कारा निरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता, और कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं निरीक्षणालय के प्रोबेशन पदाधिकारी चंद्रमोली सिंह शामिल हैं। रांची जिला प्रशासन और जेल आईजी भी मामले की अलग से जांच कर रहे हैं।

अदालत को बताया गया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश के अनुसार डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) रांची की एक टीम ने पहले ही जेल जाकर पीड़िता, जेल के पैरा लीगल वॉलेंटियर और चिकित्सक के बयान दर्ज कर रिपोर्ट सौंप दी है। इस संदर्भ में रांची की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्रुति सोरेन मामले की न्यायिक सुनवाई कर रही हैं। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को दो सप्ताह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।