नई दिल्ली, 24 मई। विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि अनुच्छेद 370 के निरसन ने जम्मू और कश्मीर में मानसिकता में बदलाव के साथ विकास को नया आकार दिया है।
मंत्री ने रविवार को लखनपुर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के तहत एक प्रशिक्षण शिविर में अपने विचार रखे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर में आये ऐतिहासिक परिवर्तनों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के समाप्त होने से न केवल यहां विकास हुआ है, बल्कि लोगों की मानसिकता में भी एक सकारात्मक परिवर्तन आया है, जिससे उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में पहचाना गया। इससे लोगों में आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और आकांक्षाएं विकसित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में जम्मू और कश्मीर के युवा ने अपने भय को पार करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय प्रदर्शन किया है।
अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के ऐतिहासिक क्षण को याद करते हुए, उन्होंने बताया कि इसने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत और स्वार्थों के लाभ उठाने का साधन बताया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि 2016 से राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी नौकरी के साक्षात्कार बंद कर दिए गए थे, परंतु जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के चलते यह सुधार नहीं हो पाया। उन्होंने पहले के वर्षों में भेदभाव की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि अब लोग सकारात्मक परिवर्तन के अनुभव से गुजर रहे हैं।
गवर्नेंस की यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश अब निराशा और भ्रष्ट्राचार की स्थिति से बाहर निकलकर विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है। पिछले 12 सालों में भारत की प्रतिष्ठा और मान बढ़ा है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की उपलब्धियों को स्मरण करते हुए, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि उन्हें सही सम्मान मिले, साथ ही जम्मू-कश्मीर में चेनानी-नाशरी सुरंग का नाम उनके नाम पर रखा गया है - यह क्षेत्र की पहली बड़ी परियोजना है, जिसका नाम उनके नाम पर रखा गया है।
उन्होंने कठुआ और जम्मू-कश्मीर में चल रही प्रमुख विकास पहलों, जैसे कि कठुआ में बन रहे बायोटेक पार्क का उल्लेख किया, जिससे लगभग 25 उद्यमियों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में स्थापित 14 मेडिकल कॉलेजों में से तीन कठुआ में स्थित हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्र शासित प्रदेश में दो एम्स संस्थानों की स्थापना का भी जिक्र किया और बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व सरकारों के समय क्षेत्र की उपेक्षा को देखते हुए इस पर विशेष ध्यान दिया है।
खेल अवसंरचना के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हीरानगर में लगभग 300 कनाल भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का विकास किया जा रहा है, और इसके लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ भूमि हस्तांतरण पर चर्चा जारी है।