रामबन, 22 मई। रामबन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने नील क्षेत्र में 'थाना दिवस' का आयोजन करते हुए नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 100-दिन के ‘नशा मुक्त अभियान’ को और अधिक सशक्त बनाने की अपील की। यह आयोजन पीपी नील के तहत नीलबटू में किया गया।
इस कार्यक्रम में एसडीपीओ बनिहाल सुरिंदर सिंह, डिप्टी एसपी ऑपरेशन मनीषा, प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी आसिम, नायब तहसीलदार रामसू, और इंस्पेक्टर फरीद अहमद (एसएचओ रामसू) सहित कई सरकारी अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में जन प्रतिनिधि, पूर्व डीडीसी सदस्य, सरपंच, पंच, गांव के मुखिया, सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी, पूर्व सैनिक, धार्मिक नेता, और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, खासकर महिलाएं उपस्थित थीं।
थाना दिवस के अवसर पर एसएसपी अरुण गुप्ता ने लोगों की समस्याएं सुनी और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से विशेष अनुरोध किया कि वे चल रहे नशामुक्त अभियान को सफल बनाने में सक्रियता दिखाएं। एसएसपी ने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबारियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई के लिए लोगों को पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
युवाओं से बात करते हुए एसएसपी ने नशे की लत से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने नशे के शिकार व्यक्तियों को जिला पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने का आग्रह किया तथा 'मानस हेल्पलाइन नंबर 1933' के प्रति जागरूकता बढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान लोगों को इमरजेंसी नंबर 112, साइबर क्राइम से बचने के उपाय और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा, 'राह वीर' योजना और दुर्घटनाओं के बाद के 'गोल्डन आवर' के महत्व पर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और सांप्रदायिक सामग्री डालने से बचने की सलाह दी गई। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में हर नागरिक की जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नील की ‘शांति समिति’ के सदस्यों के साथ अलग बैठक हुई, जिसमें शांति बनाए रखने और संकट के समय उनकी जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। दौरे का समापन कनिहाल और लुरू क्षेत्र के वीडीजी (विलेज डिफेंस ग्रुप) सदस्यों के साथ एक ब्रीफिंग सत्र के साथ हुआ। एसएसपी ने उन्हें वर्तमान सुरक्षा स्थिति में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया।
एसएसपी अरुण गुप्ता ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाना केवल जनता और पुलिस के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे थाना दिवस नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।