जमशेदपुर, 24 मई। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र में स्थित नूतनडीह गांव में 15 साल की माला सिंह, जो नौवीं कक्षा की छात्रा थी, की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने क्षेत्र में तनाव और उग्रता का माहौल बना दिया है। शनिवार को उसका शव उसके निवास स्थान से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर एक सुनसान स्थान पर पेड़ से लटका हुआ मिला। रविवार को जब शव का पोस्टमार्टम हुआ और इसे गांव लाया गया, तो परिजनों और स्थानीय निवासियों में हत्या की संभावना को लेकर गहरा हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई है। माला, बोड़ाम के लायलम स्कूल में पढ़ाई कर रही थी और 21 मई की शाम को तालाब में नहाने जाने का कहकर घर से निकली थी। जब वह शाम तक नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
रिश्तेदारों और आस-पास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार को ग्रामीणों ने एक खेत के नजदीक एक सुनसान जगह पर उसके शव को पेड़ से लटकते हुए देखा, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर बोड़ाम थाना के प्रभारी पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां रविवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
छात्रा की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक के साथ भारी आक्रोश फैल गया है। परिजन और ग्रामीण पुलिस के प्रारंभिक दावों को नकारते हुए इसे हत्या का मामला मानते हैं। उनका कहना है कि माला हमेशा खुश रहती थी और आत्महत्या जैसी सोच उसके स्वभाव में नहीं थी। उन्होंने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह तालाब में नहाने गई थी, तो उसका शव इतने दूर, एक वीरान स्थान पर कैसे मिला?
इसी के साथ, माला के शरीर पर कुछ संदिग्ध खरोंचों के निशान भी मिले हैं, जो संघर्ष या बलात्कार की ओर इशारा करते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और सच्चाई सामने नहीं लायी गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बोड़ाम थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। पहले दृष्टिगत मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो सकता है, लेकिन मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।