जलगांव, 20 मई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जलगांव शाखा ने सहकारी क्षेत्र में रिश्वतखोरी से संबंधित एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए जलगांव सहकारी समिति के उप रजिस्ट्रार जगदीश बाबूराव बारी और एक निजी व्यक्ति देवीदास धनसिंह पाटिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। एसीबी के मुताबिक, शिकायतकर्ता के खिलाफ अवैध साहूकारी से जुड़े मामले की जांच जलगांव तालुका के उप निबंधक कार्यालय में चल रही थी। जब शिकायतकर्ता अपने मामले की सुनवाई और जांच की स्थिति जानने वहां पहुंचे, तब उप रजिस्ट्रार जगदीश बारी ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने तथा अनुकूल जांच रिपोर्ट देने के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह राशि घटाकर 3 लाख रुपए तय की गई।
शिकायतकर्ता ने 18 मई को एसीबी जलगांव कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। जब सत्यापन किया गया, तब पंचों के सामने आरोपी अधिकारी ने रिश्वत मांगने की बात स्वीकार की। आरोपी ने यह भी बताया कि एक पूर्व मामले में शिकायतकर्ता के वकील नियुक्त करने के कारण नकारात्मक रिपोर्ट भेजी गई थी, जिससे उन्हें नुकसान हुआ, लेकिन अब वे अनुकूल रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दे रहे थे।
तय की गई राशि में से पहले किश्त के रूप में 1 लाख 50 हजार रुपए की मांग आरोपी ने की थी। जगदीश बारी ने शिकायतकर्ता को यह राशि देवीदास धनसिंह पाटिल को देने के लिए निर्देशित किया था।
आगे 20 मई को एसीबी टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोपित देवीदास पाटिल को जलगांव जिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक एसोसिएशन लिमिटेड के कार्यालय में शिकायतकर्ता से 1 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। घटनास्थल से रिश्वत की पूरी राशि जब्त की गई।
इस कार्रवाई की निगरानी पुलिस उप अधीक्षक योगेश ठाकुर ने की, जबकि ट्रैप अधिकारी का कार्यभार पुलिस निरीक्षक रेशमा अवतारे ने संभाला। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक स्मिता नवघारे कर रही हैं।
एसीबी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत भ्रष्टाचार विरोधी विभाग को दें।