हुमायूं कबीर की सीएम सुवेंदु अधिकारी को चेतावनी: 'गाय की बलि से मत खेलो'

हुमायूं कबीर की सीएम सुवेंदु अधिकारी को चेतावनी: 'गाय की बलि से मत खेलो'

कोलकाता, 20 मई। पश्चिम बंगाल में खुली नमाज और कुर्बानी के मामलों पर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने भाजपा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

हुमायूं कबीर ने बताया कि संविधान का सम्मान करना आवश्यक है, लेकिन कुर्बानी तो होगी। गाय, बकरी, और ऊंट सभी की कुर्बानी होगी। जो जानवर कुर्बानी के लिए उचित हैं, उनकी ही बलि दी जाएगी। मैं भाजपा सरकार को चेतावनी देता हूं। सुवेंदु अधिकारी को स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि आग से मत खेलो।

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि सरकार कुर्बानी पर रोक लगाने का प्रयास करेगी, तो इससे सिर्फ उन्हें ही परेशानी होगी। मुस्लिम समुदाय किसी भी परिस्थिति में कुर्बानी के मुद्दे पर समझौता नहीं करेगा।

हुमायूं कबीर ने कहा कि 37 प्रतिशत से अधिक मुसलमान गाय का गोश्त खाते हैं। सबसे पहले स्लॉटर हाउस को बंद किया जाना चाहिए, जबकि उन्हें लाइसेंस दिया गया है। भारत सरकार बीफ को बाहर भेजकर धन कमा रही है। क्या सरकार इसे रोकने का इरादा रखती है?

उन्होंने कहा कि ईद की नमाज के लिए सरकार को हमें बड़ा मैदान प्रदान करना चाहिए। यदि मैदान की व्यवस्था नहीं की जाती है, तो हमें सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

वहीं, सड़क पर नमाज के खिलाफ भाजपा नेताओं का कहना है कि यह एक धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि तुष्टीकरण के खिलाफ है। जब सड़कों पर नमाज पढ़ने की बात आती है, तो यूएई, सऊदी अरब या ईरान जैसे इस्लामिक देशों में भी इसे रोकने की नीति है। इसलिए, इसे धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एक औपचारिक सार्वजनिक सूचना जारी की है, जिसमें गाय और भैंस के वध पर फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना सख्त प्रतिबंध की पुष्टि की गई है। 27 मई को बकरीद से पहले सरकार ने यह अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया है कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस का वध नहीं किया जा सकता। प्रमाण पत्र पर दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन को संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए छह महीने तक की जेल और एक हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।