हरियाणा के हिसार जिले के रावलवास खुर्द गांव के निवासी कृष्ण कुमार पिछले कुछ वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं। उन्हें वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने अपने लिए एक विशेष सौभाग्य माना।
कृष्ण कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात बहुत ही सामान्य और स्नेहपूर्ण थी। यह बातचीत लगभग 30 मिनट तक चली, जिसमें प्रधानमंत्री ने कृषि, फसल उत्पादन, किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं के लाभ पर गहराई से चर्चा की।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री से मिलना मेरे लिए एक सम्मान की बात है। वे बहुत सरल और मिलनसार हैं। मैं भविष्य में उनसे एक बार फिर मिलने की इच्छा रखता हूं।"
कृष्ण कुमार ने साझा किया कि उन्होंने समाचारों में पढ़ा था कि लोग कीटनाशकों और रासायनिक खादों से बने खाद्य पदार्थों के सेवन के लिए बाध्य हैं। इसी चिंता ने उन्हें जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। अब वे गेहूं, चना, आलू, गाजर, मूली, घीया, टींडा और तोरी जैसी फसलें उगाते हैं।
उनके अनुसार, उनके खेत में उगने वाला जैविक 306 किस्म का गेहूं 6000 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर बिकता है। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए मंडी जाने की आवश्यकता नहीं होती। चने की खेती से वे एक एकड़ में एक लाख रुपए से ज्यादा की आमदनी कर लेते हैं।
कृष्ण कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसानों के हित में शुरू की गई योजनाओं की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि किसान फसल बीमा योजना और पीएम किसान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को बहुत लाभ हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने डिजिटल तकनीक और ड्रोन जैसी सुविधाओं का उपयोग करके किसानों को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऊंचा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 किसानों से संवाद किया था और हमारी समस्याओं पर भी चर्चा की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें दाल का उत्पादन बढ़ाना चाहिए ताकि हमें अन्य देशों से आयात न करना पड़े। हम उनकी सलाहों पर गौर कर रहे हैं।