शिमला/बेंगलुरु, 22 मई। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मिलकर शहरी विकास तथा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में गहन विचार-विमर्श किया।
यह मुलाकात हिमाचल प्रदेश के शहरों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, स्मार्ट सिटी पहल, इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर, तथा शहरी विकास से जुड़े आर्थिक मॉडलों जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बेंगलुरु देश में शहरी विकास और आधुनिक व्यवस्थाओं का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है। हिमाचल सरकार इस मॉडल का विश्लेषण कर प्रदेश की भौगोलिक स्थितियों के अनुरूप इसे अपनाने का प्रयास करेगी।
बैठक में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए स्मार्ट सिग्नल और उन्नत ट्रांजिट सिस्टम के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही 24 घंटे निगरानी, आपातकालीन सेवाओं और सुविधाओं को सुधारने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के विकास पर भी जोर दिया गया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के शहरों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीकी दृष्टि से सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार नए मॉडलों और तकनीकों का निरंतर अध्ययन कर रही है। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा।
इस दौरान मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मैं कर्नाटका में हूं। मैं यहां श्री श्री रविशंकर जी के जन्म सप्ताह के मौके पर आया हूं। हमने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की। दोनों कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए हम उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने आए हैं। यह एक अनौपचारिक बैठक थी, जिसमें हमने कर्नाटक के मुद्दों और संगठन को मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया... साथ ही, हमने शहरी चुनौती कोष के अंतर्गत शुरू की गई पहलों पर चर्चा की, जिसमें बेंगलुरु में ट्रैफिक कम करने के लिए भूमिगत सुरंगों और एलिवेटेड सड़कों का निर्माण शामिल है। ऐसी ही परियोजनाएं शिमला और अन्य स्थानों पर भी शुरू की जाएंगी।