ऋषिकेश, 22 मई। सिखों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की 2026 की यात्रा का आगाज़ हो चुका है। ऋषिकेश के गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब से पहले जत्थे को श्रद्धा और उमंग के साथ रवाना किया गया।
इस कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाते हुए यात्रा की शुरुआत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगत मौजूद थे।
तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बताया कि उन्हें ऋषिकेश के पवित्र गुरुद्वारे से 2026 के पहले जत्थे को रवाना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने 'आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण' कहा।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह वार्षिक तीर्थ यात्रा विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का प्रतीक है और 'पंज प्यारे' के मार्गदर्शन में इसकी शुरुआत होना एक प्रेरणादायक अनुभव रहा।
उपराज्यपाल ने यह भी याद किया कि उन्होंने 1975 में अपने पिता सरदार बिशन सिंह समुंदरी के साथ हेमकुंड साहिब की यात्रा की थी, जिसे उन्होंने भावनात्मक दृष्टिकोण से देखा।
उन्होंने यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से बात की और उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा कठिनाई से भरी होने के बावजूद अत्यधिक फलदायी और आध्यात्मिक अनुभव देती है।
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारे के अंदर संगत की श्रद्धा और उत्साह का माहौल अद्भुत था। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
श्री हेमकुंड साहिब धाम चमोली जिले के हिमालय पर्वतमाला में समुद्र तल से 15,000 फुट ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ गर्मियों में भक्तों का आगमन होता है, जबकि अक्टूबर से अप्रैल तक बर्फबारी के चलते पहुंचना अत्यधिक कठिन होता है।