चंडीगढ़, 21 मई। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने गुरुवार को एक बातचीत में राज्य में हो रही एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन किया और कहा कि यह आवश्यक है कि मतदाता सूची में सुधार किया जाए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची में बदलाव करती है, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस प्रक्रिया के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इसके साथ ही, हर विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती की जा रही है ताकि मतदाता सूची की सही तरीके से जांच की जा सके। उनका कहना है कि गलत वोट नहीं जुड़ने चाहिए और योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि deceased व्यक्तियों के नाम हटाने, एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत वोटों को सुधारने, और एक व्यक्ति के पास केवल एक ही वोट की गारंटी होनी चाहिए। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया पर ध्यान बनाए रखना होगा ताकि चुनावी सूची में पारदर्शिता बनी रहे।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल जानबूझकर धर्म या जाति के आधार पर वोटों को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उनका कहना था कि कांग्रेस संविधान पर विश्वास करती है और चुनावी प्रक्रिया को संविधान के दायरे में रखते हुए सही बनाए रखने की बात करती है।
इसके बाद, उन्होंने पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'वंदे मातरम' गाने से संबंधित निर्देशों पर भी चर्चा की। उनका कहना था कि राज्यों को अपनी सांस्कृतिक और शैक्षिक नीतियों को अपने तरीके से बनाने का अधिकार होना चाहिए और विवाद के बजाय संतुलन बनाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, ओबीसी आरक्षण या सामाजिक वर्गों से संबंधित नीतियों में सुधार पर उन्होंने कहा कि गरीब और पिछड़े वर्गों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि सरकारों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो सभी वर्गों को समाहित करें, खास तौर पर गरीबों, श्रमिकों, किसानों और बेरोजगारों के लिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से देश में मौजूद कई संस्थागत समस्याओं की ओर इशारा कर रहे हैं और उनका मानना है कि सरकार की नीतियों से शिक्षा और प्रशासन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आर्थिक स्थिति को लेकर कई बार चेतावनी दी है और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उनके अनुसार, चाहे कोई भी राजनीतिक नेता हो, अगर वह देश की स्थिति पर चिंतित है, तो सरकार का कर्तव्य है कि इन मुद्दों पर गौर करे और समाधान के उपाय करे ताकि अस्थिरता बढ़ने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि 15 तारीख की रात उनके घर पर कुछ अज्ञात लोग दीवार फांदकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। लगभग छह लोग बाउंड्री वॉल पार करके परिसर में अंदर आए, उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए और सर्वेंट क्वार्टर के दरवाजों को बाहर से बंद करने की कोशिश की। कुछ दरवाजों और कुंडियों को तोड़ने की कोशिश भी की गई। हालांकि, अंदर मौजूद स्टाफ की नींद खुलने और शोर मचाने के बाद वे भाग गए। इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और जांच शुरू की गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है और मामले की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री, डीजीपी और नूह जिले के एसपी से बातचीत करने की आवश्यकता बताई।
उनका कहना था कि राज्य में चोरी, हिंसा और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अपराधों में वृद्धि पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि सरकार और पुलिस प्रशासन को मिलकर कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।