जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने अब तक कई पदक अपने नाम किए हैं। इसी कड़ी में भारतीय धाविका हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। हरिता ने बेहद रोमांचक मुकाबले में जापान की धाविका अबिगेरुफुका इडो को महज 0.01 सेकंड के मामूली अंतर से पछाड़कर फोटो-फिनिश में यह पदक अपने नाम किया।

हरिता ने जापानी धाविका को 0.01 सेकंड से पछाड़ा

हरिता भद्रा की 200 मीटर रेस इतनी रोमांचक रही कि विजेता का फैसला करने के लिए तकनीक का सहारा लेना पड़ा। ट्रैक एंड फील्ड में इस तरह के बेहद करीबी नतीजे को ‘फोटो-फिनिश’ कहा जाता है। रेस खत्म होने के बाद जब नतीजा स्क्रीन पर आया तो हरिता ने 23.20 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। हरिता ने जापान की अबिगेरुफुका इडो को महज 0.01 सेकंड के अंतर से पछाड़कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। दोनों के बीच अंतर इतना कम था कि दर्शकों की नजरें नतीजे वाली स्क्रीन पर टिक गईं। इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल इंडोनेशिया की धाविका शांति परेरा ने जीता। उन्होंने 22.78 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की।

हरिता के करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाम

हरिता भद्रा के लिए यह उनके करियर का बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाम है। उन्होंने एशियाई खेलों में पोडियम फिनिश हासिल कर अपनी पहचान बनाई है। हरिता महाराष्ट्र से आती हैं। वह सिर्फ एक एथलीट ही नहीं हैं, बल्कि उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की जानी-मानी लॉफबोरो यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस, कोचिंग और फिजिकल एजुकेशन में बीएससी की डिग्री भी हासिल की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी हरिता ने खेल को ही अपना करियर चुना। वह नवी मुंबई स्थित जियो इंस्टीट्यूट में आधुनिक सुविधाओं के बीच अपनी ट्रेनिंग करती हैं।

नेशनल स्तर पर भी हरिता ने दिखाया दम

हरिता ने इस साल ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने से पहले उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 23.14 सेकंड के समय के साथ नेशनल इंटर-स्टेट 200 मीटर रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इसके अलावा हरिता ने 7.32 सेकंड के समय के साथ नेशनल इंडोर 60 मीटर रिकॉर्ड भी बनाया। हरिता के लिए इस साल का एक और बड़ा पल सितंबर में आया, जब उन्होंने 100 मीटर की रेस को महज 11.22 सेकंड में पूरा किया। लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ दी है।