नई दिल्ली, 21 मई। गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अगुवाई की। इसके बाद, बस्तर में आदिवासी समुदाय से मुलाकात की, जो कभी नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। इस मुलाकात के दौरान एक बच्ची से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने इसे एक सुखद अनुभव बताया।
गृह मंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नेतानार गाँव में गुंडा धुर सेवा डेरा के उद्घाटन के समय आदिवासी भाई-बहनों के चेहरों पर आशा की चमक देखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवेदनशीलता के साथ कार्य करना मेरा सिद्धांत है। बड़ी जनसभा में भाषण देने से अधिक आत्मसंतोष मुझे वहाँ 400 आदिवासी भाई-बहनों के बीच मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि एक बच्ची के मुंह से 'हम अब सुरक्षित हैं' सुनकर उन्हें इतना आनंद मिला कि इसे शब्दों में बताना मुश्किल है।
गृह मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "बस्तर में नक्सलमुक्त होने के बाद जब एक छोटी बच्ची मुझसे कहती है कि 'हम बच गए,' तो वह खुशी अनमोल है।"
उल्लेखनीय है कि अमित शाह बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी लाल आतंक का वर्चस्व था, वही जगदलपुर में अब यह बैठक होना गर्व का विषय है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्यों के बीच विवादों का समाधान हो गया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने आगे बताया कि अब यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त है, बल्कि किसी भी विवाद से भी मुक्त है। बैठक में कुपोषण समाप्त करने, स्कूल ड्रॉपआउट को कम करने, यौन अपराधों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने और राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।