गुंटूर के स्कूली छात्रों का उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से संवाद

गुंटूर के स्कूली छात्रों का उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से संवाद

नई दिल्ली, 21 मई। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के स्कूली छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस समूह में सरकारी स्कूलों के 27 लड़कियों समेत 41 प्रतिभाशाली छात्र शामिल हैं, जिन्होंने कक्षा 10 की परीक्षाओं में शानदार परिणाम हासिल किया है। वे इस समय दिल्ली में शैक्षिक दौरे पर हैं।

उपराष्ट्रपति ने सरकारी स्कूलों के वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के दिल्ली दौरे की पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि ऐसे दौरे विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने और अपने ज्ञान को विस्तार करने का अवसर प्रदान करते हैं। छात्रों के साथ बातचीत करके उन्होंने खुशी ज़ाहिर की।

सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सफल होने के लिए हर किसी को जीवन में कठिनाइयों, असफलताओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनौतियाँ व्यक्ति को और मजबूत, आत्मविश्वासी और सफल बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।

छात्रों को उनकी आर्थिक स्थिति से निराश न होने की सलाह देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा उन्हें जीवन में सफल बनाने के लिए सशक्त करती है।

उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि देश के कई महान वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक और उद्यमी सरकारी स्कूलों से निकले हैं। उपराष्ट्रपति ने खुद के सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम से पढ़ाई करने का जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा को जीवन में बदलाव लाने का सबसे प्रभावशाली साधन बताया।

उपराष्ट्रपति ने बताया कि सरकारी स्कूलों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और उनके सुधार के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सांसदों और विधायकों से सरकारी स्कूलों के सुधार और मजबूती पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने पिछले एक दशक में भारत की उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि का उल्लेख किया और कहा कि भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में छात्रों के सपने और आकांक्षाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

सीपी राधाकृष्णन ने खुशी व्यक्त की कि 41 मेधावी छात्रों में से 27 लड़कियां थीं, यह देश में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को मादक पदार्थों और नकारात्मक आदतों से दूर रहने की सलाह दी, जिसमें सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी शामिल है। उन्होंने खेलकूद, पढ़ाई और रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तीन महत्वपूर्ण सिद्धांत याद रखने की सलाह दी: ईमानदारी से मेहनत करना, सफलता में विनम्र रहना और ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण में करना। उन्होंने उन्हें उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।