मेहसाणा, 21 मई। गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर के एक कौशल प्रशिक्षण संस्थान ने अपनी गतिविधियों का पूर्ण रूप से आरंभ कर दिया है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पहले बैच के प्रशिक्षु देश की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तैनात किए गए हैं।
इंडस्ट्रियल कंस्ट्रक्शन स्किल्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईसीएसटीआई) की स्थापना एक निजी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से की गई है। अब तक इस संस्थान ने दो पायलट बैचों में 201 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया है।
यह पहल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आवश्यकताओं के अनुसार व्यावहारिक और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती है।
अधिकारियों के अनुसार, 45, 60 और 90 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा करने वाले प्रशिक्षु वर्तमान में धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन परियोजना, अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, अहमदाबाद मेट्रो, खंभालिया सोलर पावर प्रोजेक्ट और पानीपत रिफाइनरी प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं।
इन प्रशिक्षुओं को प्रति माह 18,000 से 20,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
लगभग 9.3 एकड़ में फैले इस परिसर में व्यावहारिक प्रशिक्षण हेतु विशेष बुनियादी ढाँचा तैयार किया गया है, जिसमें बड़े प्रैक्टिकल मॉडल और सिमुलेशन पर आधारित सुविधाएं शामिल हैं।
संस्थान के मुख्य अधिकारी निरंजन मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा, “स्किल ट्रेनिंग फ्रेमवर्क ब्रिटेन के कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री ट्रेनिंग बोर्ड के मानकों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। पाठ्यक्रम इसी दिशा में तैयार किया गया है, ताकि वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग सुनिश्चित की जा सके।”
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षुओं को उनकी संबंधित क्षमताओं के आधार पर लेवल-2, लेवल-3 और लेवल-4 में वर्गीकृत किया जाता है।
प्रशिक्षण के बाद, उम्मीदवारों को राष्ट्रीय अपरेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम (एनएपीएस) के तहत 24 महीने और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 9 महीने तक कार्य का अवसर मिलता है, जो कुल 33 महीने तक स्टाइपेंड आधारित रोजगार प्रदान करता है।
अधिकारियों के अनुसार, दो साल की अपरेंटिसशिप पूरी करने के बाद प्रशिक्षु फ्रंट लाइन सुपरवाइजर पद के लिए योग्य हो जाते हैं, जबकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
संस्थान में वर्तमान में निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित 20 से अधिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें फॉर्मवर्क कारपेंट्री, स्कैफोल्डिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, वेल्डिंग, पाइप फिटिंग, एचवीएसी, फायर फाइटिंग सिस्टम, सर्वेइंग, सोलर इंस्टॉलेशन और हेल्थ एंड सेफ्टी शामिल हैं।
यह कार्यक्रम पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए खुला है, और यहां विभिन्न हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रशिक्षुओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, और रहने-खाने की सुविधाएं भी निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।
कैंपस में हॉस्टल, भोजन सेवाएं, खेल के मैदान, जिम, स्वास्थ्य सेवाएं, इंडोर खेल और योग-मेडिटेशन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
वडनगर के कॉमर्स ग्रेजुएट प्रशिक्षु रोनक कड़िया ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले फॉर्मवर्क कारपेंट्री ट्रेड में प्रवेश लिया था और अब वह अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा, “आईसीएसटीआई-वडनगर में प्रशिक्षण के दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा। मेरी स्किल में सुधार हुआ है और अब मैं बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट साइट पर काम कर रहा हूं। यहां की ट्रेनिंग व्यावहारिक है और रोजगार के उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध हैं।”
अधिकारियों के अनुसार, पायलट बैच के सभी 201 प्रशिक्षुओं को विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तैनात किया जा चुका है या उनकी तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।
यह संस्थान पिछले वर्ष मार्च में कंपनी और गुजरात सरकार की स्किल डेवलपमेंट एजेंसियों के बीच हुए एक समझौते के बाद स्थापित हुआ था। सितंबर में इसने पहला बैच शुरू किया।
18 से 35 वर्ष की आयु के उम्मीदवार इसमें प्रवेश ले सकते हैं, और अलग-अलग ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पाठ्यक्रमों के लिए सामान्य स्कूली शिक्षा पर्याप्त है, जबकि कुछ के लिए आईटीआई प्रमाणपत्र आवश्यक है।