बिहार के अग्रणी संवाद मंच ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (GTRi) 6.0 का सफल आयोजन शनिवार को पटना में संपन्न हुआ। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “मनी, मार्केट एंड मोमेंटम” रही, जिसके तहत वित्त, निवेश, फिनटेक, सार्वजनिक नीति, तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक पूंजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
एक दिवसीय इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित उद्योग नेताओं, निवेशकों, वित्तीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, कॉरपोरेट अधिकारियों, शिक्षाविदों और विचारकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बिहार की आर्थिक संभावनाओं, निवेश अवसरों और विकास की नई दिशाओं पर अपने विचार साझा किए।
दीप प्रज्वलन और ‘बिहार जर्नल’ का लोकार्पण
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर ‘बिहार जर्नल’ के तीसरे संस्करण का भी लोकार्पण किया गया, जो बिहार के विकास और समकालीन मुद्दों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण प्रकाशन है।
जीटीआरआई की क्यूरेटर अदिति नंदन ने स्वागत संबोधन में कहा कि बिहार के भविष्य को आकार देने के लिए संवाद, सहयोग और ज्ञान-साझाकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जीटीआरआई ऐसा मंच बन चुका है, जो बिहार को राष्ट्रीय और वैश्विक विचार-परिदृश्य से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति संजय कुमार ने अपने संबोधन में संस्थागत विश्वास, न्यायिक व्यवस्था और सुशासन को आर्थिक विकास की आधारशिला बताते हुए बिहार की उभरती संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
बिहार की वित्तीय संरचना पर चर्चा
सम्मेलन का पहला सत्र “फाइनेंशियल आर्किटेक्चर ऑफ बिहार” विषय पर केंद्रित रहा। इसमें राज्य की वित्तीय संरचना, संस्थागत मजबूती और वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
सत्र में निवेशक एवं फैमिली ऑफिस रणनीतिकार प्रिंसेस जाह्नवी कुमारी मेवाड़ ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार साझा किए। वहीं, कुमार राजेश रंजन, मुख्य महाप्रबंधक, आरबीआई ओम्बड्समैन (RBIO), ने वित्तीय संस्थानों की भूमिका और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन वरिष्ठ व्यवसाय पत्रकार पवन कुमार ने किया।
वित्तीय न्यायशास्त्र में तकनीक की बढ़ती भूमिका
दूसरे सत्र “टेक्नोलॉजी फॉर फाइनेंशियल ज्यूरिसप्रूडेंस इन कॉन्टेक्स्ट टू बिहार” में डेटा, जोखिम प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों के महत्व पर चर्चा की गई।
इस सत्र में पंकज राय, ग्रुप चीफ डेटा एवं एनालिटिक्स ऑफिसर, आदित्य बिड़ला समूह, तथा अविनाश चंद्र, सीनियर डायरेक्टर एवं हेड – रिस्क, इन्फोमेरिक्स एनालिटिक्स एंड रिसर्च, ने वित्तीय निर्णय-प्रक्रियाओं में तकनीक की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। सत्र का संचालन जनसंपर्क एवं रणनीतिक संचार सलाहकार अनूप शर्मा ने किया।
बिहार में फिनटेक क्रांति की संभावनाएँ
तीसरे सत्र “फिनटेक फॉर भारत, फॉर बिहार?” में डिजिटल वित्तीय सेवाओं, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इस दौरान रंजन कांत, प्रबंध निदेशक, आर्थमेट एवं संस्थापक, K2Alpha.AI, तथा अभिषेक सिन्हा, सह-संस्थापक, ईको भारत वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। सत्र का संचालन एक बार फिर वरिष्ठ पत्रकार पवन कुमार ने किया।
निवेश और पूंजी प्रवाह को लेकर मंथन
चौथे सत्र “फंडिंग बिहार” में राज्य में निवेश आकर्षित करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और उद्यमों के लिए पूंजी उपलब्धता जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
सत्र के प्रमुख वक्ताओं में अवनीश आनंद, पूर्व सह-संस्थापक एवं सीईओ, कैरटलेन; एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – इन्वेस्टमेंट्स, प्लूटस वेल्थ; तथा सीनियर एडवाइजर, सिंगुलैरिटी ग्रोथ फंड शामिल रहे। उनके साथ दिव्या बजाज, वाइस प्रेसिडेंट, लंदन एंड पार्टनर्स, ने भी निवेश और विकास की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
इस सत्र का संचालन डॉ. राणा सिंह, निदेशक, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना (CIMP), ने किया।
प्रवासी पूंजी: बिहार के विकास का नया आधार
सम्मेलन का अंतिम विषयगत सत्र “डायस्पोरा कैपिटल” रहा, जिसमें बिहार के वैश्विक प्रवासी समुदाय की आर्थिक भूमिका और संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इस सत्र में राजीव शर्मा, पूर्व निदेशक, एरिस्टो एवं मैप्रा लैब्स, तथा अशोक कुमार, चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर, मार्श एवं महासचिव, पैनआईआईटी एलुमनाई इंडिया, ने भाग लिया। सत्र का संचालन अर्थशास्त्री एवं सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ डॉ. सुधांशु कुमार ने किया।
बिहार के आर्थिक भविष्य की नई दिशा
सम्मेलन के पांचों सत्रों में हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि बिहार की विकास यात्रा केवल बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं है। वित्तीय नवाचार, तकनीकी परिवर्तन, उद्यमिता, वैश्विक नेटवर्क और निवेश आकर्षण जैसे कारक आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जीटीआरआई 6.0 ने एक बार फिर यह साबित किया कि बिहार में गंभीर आर्थिक विमर्श की आवश्यकता और संभावनाएं दोनों मौजूद हैं। यह मंच राज्य की प्रतिभा, विचार और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
GTRi के बारे में
ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (GTRi) बिहार का एक स्वतंत्र संवाद मंच है, जिसका उद्देश्य राज्य के सामाजिक, आर्थिक और नीतिगत भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा देना है। यह मंच उद्योग, नीति, शिक्षा, तकनीक, शासन और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एक साथ लाकर विचार और क्रियान्वयन के बीच सेतु का कार्य करता है।