लखनऊ, 23 मई। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के विकास को नई दिशा और पहचान देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण और पुनर्निर्माण के संदर्भ में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूरी तरह से नवीनतम 'पूर्ण गहराई पुनर्निर्माण तकनीक' के अनुसार किया जाए। उन्होंने बताया कि यह तकनीक ग्रामीण संपर्क मार्गों के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में ग्राम्य विकास आयुक्त और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अधिकारियों को निर्देश देते हुए, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास राज्य के समग्र विकास की आधारशिला है और गांवों को मजबूत सड़क संपर्क प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हर गांव तक पक्की सड़क” के संकल्प को उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तन्मयता के साथ लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और उत्तर प्रदेश ने इसमें कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब राज्य तेजी से चौथे चरण की ओर बढ़ रहा है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों को भी मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक के अंतर्गत पुरानी सड़क सामग्री का पुनः उपयोग किया जाएगा। सड़क की पुरानी गिट्टी और निर्माण सामग्री को आधुनिक मशीनों के माध्यम से पुनर्चक्रित करके, उसमें सीमेंट और विशेष मिश्रण मिलाकर अत्यंत मजबूत आधार तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी, पर्यावरण की सुरक्षा बढ़ेगी और सड़कें अधिक टिकाऊ बनेंगी।
बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए मौर्य ने कहा कि विकास कार्य केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता वास्तविकता में स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें, जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को तुरंत हल करें।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मजबूत सड़कें ही गांवों के विकास और प्रदेश की प्रगति का सबसे बड़ा आधार हैं।